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नवभारत ग्राफिक

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मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) के 26 सीटों (Seats) पर लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) लड़ने के बयान के बाद से शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी में बवाल मच गया है। खबर है कि 2024 में होने वाले आम चुनाव को लेकर बीजेपी ने महाराष्ट्र में अपने सीटों की संख्या को साफ कर दी है। हालांकि इसके बारे में अभी औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन जिस तरह से बयान सामने आया है उसमें बीजेपी ने अपना रुख साफ कर दिया है। BJP महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 26 पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। खबर सुर्खियों में आते ही शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी में हड़कंप मच गया है। क्योंकि यह दोनों नेता भी अपनी पार्टी के लिए अच्छी संख्या में सीट पाना चाहते हैं। खबरों के मुताबिक एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ जल्द ही बैठक कर देवेंद्र फडणवीस सफल फार्मूले को निकालने का प्रयास करने वाले हैं। 
 
 
26 सीटों के इस बयान के बाद से बीजेपी की तरफ से अब यह इशारा कर दिया गया है कि वह सहयोगी दलों के लिए सीटों के साथ समझौता करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है।  हालांकि फडणवीस ने इशारा किया है वक्त पड़ने पर सीटों के आंकड़े को थोड़ा आगे पीछे किया जा सकता है। उन्होंने कहा, आमतौर पर मौजूदा सांसदों की सीट को बरक़रार रखने की अनुमति पार्टियों को होती है। वहीं शिंदे की शिवसेना की तरफ से यह बयान सामने आया है कि भारतीय जनता पार्टी को हम अपने बड़े सहयोगी दल के रूप में स्वीकार करते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं की वह सहयोगी दलों पर अपना फैसला थोपेंगे। आखिरकार बीजेपी हमारी मदद से ही सत्ता में आई है। 
 
 
वहीं एनसीपी (अजित पवार) के एक नेता का यह कहना है कि गठबंधन की राजनीति में थोड़ा ऊपर नीचे हमेशा होता है और ऐसे में आपसी बातचीत के बाद ही कोई बड़ा हल निकल पाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने सीटों की खींचतान को लेकर तीनों पार्टी के बीच मतभेद या तनाव की किसी भी बात से इनकार किया गया है। उन्होंने यह बताया है कि हमारे नेता बहुत समझदार हैं सभी अनुभवी खिलाड़ी हैं और हम फार्मूले पर किसी मतभेद की उम्मीद नहीं करते हैं। बैठकर बात विचार करके फैसला किया जाएगा और उसके बाद औपचारिक ऐलान किया जाएगा। 
 
शिंदे कम से कम 13 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार 
2019 लोकसभा चुनाव की अगर बात करें तो भाजपा ने 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और अविभाजित शिवसेना के लिए भाजपा ने 23 सीटें छोड़ी थी, जिन 25 सीटों पर बीजेपी ने उम्मीदवार उतारे थे उसमें से बीजेपी 23 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि शिवसेना ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा और 18 सीटों पर उन्होंने जीत दर्ज की। उन 18 सांसदों में से 13 सांसद इस समय एकनाथ शिंदे के साथ हैं। ऐसे में शिंदे की इच्छा होगी कि उनकी पार्टी कम से कम 13 सीटों पर चुनाव लड़ें। 
 
एनसीपी का पलड़ा हल्का 
वहीं एनसीपी की अगर बात करें तो 2019 के लोकसभा चुनाव में अविभाजित एनसीपी ने 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जिसमें से वह महज 4 सीट पर ही जीत पाई थी। इन चार सांसदों में से केवल एक सुनील तटकरे इस समय अजित पवार गुट के साथ मौजूद हैं। बाकी के तीन सांसद अभी भी शरद पवार के पास हैं। ऐसे में अजित पवार की एनसीपी का पलड़ा लोकसभा चुनाव के लिए भारी नजर नहीं आ रहा है। हालांकि उन्हें कितनी सीट मिलती है यह देखना वाकई दिलचस्प होगा। 
 
महाराष्ट्र का मौजूदा राजनीतिक समीकरण आशंकाओं से भरा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे के शिवसेना इस समय मजबूत स्थिति में है और कहीं ना कहीं अजित पवार की एनसीपी का पलड़ा हल्का पड़ता दिखाई दे रहा है। लेकिन महाराष्ट्र में हुए निकाय चुनाव के नतीजे अजित पवार की पार्टी के हक़ में आये थे। पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उस प्रदर्शन के आधार पर अजित पवार गठबंधन में लोकसभा के लिए मिलने वाली सीटों की संख्या को बढ़ाने के लिए दबाव डाल सकते हैं। खबर यह भी है कि अगर भाजपा अपने रुख पर अड़ी रहती है तो ऐसे में बीजेपी 26 शिवसेना 13 और अजीत पवार 9 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि गठबंधन की तरफ से क्या फैसला लिया जाता है या आने वाले वक्त में ही पता चलेगा।