Kisan Rail

  • 2.08 लाख टन फल और सब्जियों का परिवहन

मुंबई. मध्य रेलवे (Central Railway) ने अपनी 600वीं किसान रेल (Kisan Rail) संगोला (Sangola) से मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) तक चलाई। किसान रेल ने किसानों के जीवन में समृद्धि औऱ खुशहाली लाने का काम किया है। कृषि उपज के लिए बड़े और नए बाजारों तक पहुंच, त्वरित परिवहन, शून्य अपव्यय, 50% सब्सिडी के साथ, किसान रेल महाराष्ट्र के किसानों के लिए गेम चेंजर (Game Changer) साबित हुई है। 

7 अगस्त 2020 को पहली किसान रेल की शुरुआत के बाद से अब तक 2,08,378 टन पेरिशेबल वस्तुओं का परिवहन किया गया है। सोलापुर क्षेत्र से अनार, अंगूर, नींबू, शिमला मिर्च, लातूर और उस्मानाबाद से फूल, नासिक क्षेत्र से प्याज, भुसावल और जलगांव केला, नागपुर से संतरे और अन्य फल, सब्जियां दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे दूर के बाजारों में जल्दी पहुंच रहीं हैं। 

किसानों को मिल रही उपज की अच्छी कीमत

किसान रेल के माध्यम से किसानों को बड़े बाजारों के साथ उनकी उपज की अच्छी कीमत, त्वरित परिवहन, न्यूनतम अपव्यय में मदद मिली है। सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत ऑपरेशन ग्रीन-टॉप टू टोटल के सरकार के विजन के एक हिस्से के रूप में किसानों को 50% की सब्सिडी भी दी है। मध्य रेलवे के जीएम अनिल कुमार लाहोटी ने किसान रेल की 600 सेवाओं को सफलतापूर्वक संचालन के लिए रेल टीम की सराहना की है। मध्य रेल वर्तमान में देवलाली-मुजफ्फरपुर, सांगोला-मुजफ्फरपुर, सांगोला-आदर्श नगर दिल्ली, संगोला-शालीमार, रावेर-आदर्श नगर दिल्ली और सवदा-आदर्श नगर दिल्ली किसान रेल चला रही है।