Big relief to former Mumbai Police Commissioner Parambir Singh, Supreme Court says interim protection from arrest will continue
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    मुंबई: समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट (Court) ने शहर के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Param bir singh से जुड़े मरीन ड्राइव जबरन वसूली (Marine Drive Extortion Case) मामले में पुलिस अधिकारियों नंद कुमार गोपाल (Nand Kumar Gopale) और आशा कोरके (Asha Korke) को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। 

    बता दें कि मरीन ड्राइव थाने में दर्ज रंगदारी के मामले में राज्य सीआईडी ने पुलिस इंस्पेक्टर नंदकुमार गोपाल और आशा कोर्के को गिरफ्तार किया था। इससे पहले मुंबई थाने में मरीन ड्राइव जबरन वसूली मामले परमबीर सिंह के खिलाफ जारी तीसरा गैर जमानती वारंट जारी कर चुकी है। लेकिन अभी तक सिंह का पता चला है।

    वहीं, इस मामले में मुंबई की एक अदालत ने मंगलवार को कथित वसूली के मामले में दो पुलिस अधिकारियों को सात दिन के लिए महाराष्ट्र के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) (CID) की हिरासत में भेज दिया था। जिसमें में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह भी आरोपी हैं। विशेष सरकार वकील शेखर जगताप ने गिरफ्तार अधिकारियों की हिरासत की मांग करते हुए अदालत से कहा कि सिंह ने मुंबई पुलिस की ‘खराब छवि’ बनाई। सीआईडी ने इस मामले में सिंह के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने की भी मांग की थी।

    ज्ञात हो कि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस थाना और ठाणे के कोपरी पुलिस थाना में भारतीय दंड संहिता के तहत वसूली, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और फिरौती के लिए अपहरण के आरोपों को लेकर दर्ज की गई थी। दोनों की गिरफ्तारी श्याम सुंदर अग्रवाल की शिकायत पर हुई है। जिन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उनके खिलाफ मकोका और एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले हटाने के लिए 15 करोड़ रुपये मांगे थे।