Deepak Kesarkar

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मुंबई: प्राथमिक शिक्षा एवं मुंबई शहर के पालकमंत्री दीपक केसरकर (Deepak Kesarkar) ने स्वीकार किया है कि बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरु होने की वजह से मुंबई महानगर क्षेत्र की हवा खराब हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य और विशेष रूप से मुंबई में वायु प्रदूषण (Air Pollution) नियंत्रण के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है। इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है। इसके अलावा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव कुमार की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। मुंबई में वायु प्रदूषण को नियंत्रण में लाने को लेकर रविवार 19 मार्च को एक विशेष बैठक बुलाई गई है।

मुंबई और आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या को लेकर गुरुवार को बीजेपी के ‍विधायक मिहिर कोटेचा, सुनील राणे (MLA Sunil Rane) सहित अन्य विधायकों ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए मुद्दा उठाया था। 

मिहिर कोटेचा ने उठाया मुद्दा

मिहिर कोटेचा ने यह बताने का प्रयास किया कि स्वीस एयर ट्रैकिंग इंडेक्स के मुताबिक, 29 जनवरी से 8 फरवरी तक मुंबई की हवा दुनिया के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर थी। 13 फरवरी को मुंबई ने प्रदूषण के मामले दिल्ली को पीछे छोड़ दिया था। बीजेपी के सुनील राणे ने हवा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया।

वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे

मंत्री केसरकर ने कहा कि मुंबई में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और क्या किया जा सकता है, इस पर चर्चा करने के लिए रविवार 19 मार्च को एक बैठक बुलाई गई है। प्रदूषण विशेषज्ञों के साथ-साथ समिति के सभी सदस्यों और मुंबई के सभी विधायकों को इस बैठक में आमंत्रित किया जाएगा। मंत्री केसरकर ने कहा कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में नई तकनीक का इस्तेमाल, धूल कम करने के लिए कंस्ट्रक्शन साइट्स के आसपास बैरियर और शीट लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए ठाणे, चंद्रपुर में वायु प्रदूषण को कम करने के अलावा राज्य में अच्छी वायु गुणवत्ता बनाए रखने के उपाय किए जाएंगे।