Eknath Shinde
एकनाथ शिंदे (Photo Credits-ANI Twitter)

    मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद शिंदे सरकार (Shinde Govt.) के नए मंत्रिमंडल ( New Cabinet) गठन की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। इसका संकेत स्वयं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Chief Minister Eknath Shinde) ने दिया है। सोमवार की देर शाम ठाणे में स्व. आनंद दिघे की समाधी ‘शक्ति स्थल’ का दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि राज्य में शिवसेना-बीजेपी (Shiv Sena-BJP) गठबंधन की सरकार अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी।

    उल्लेखनीय है कि ठाणे से ही सर्वप्रथम सत्ता का स्वाद चखने वाली शिवसेना के कट्टर कार्यकर्ता और धर्मवीर आनंद दिघे के शिष्य एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने से ठाणे को अब पॉवर सेंटर माना जा रहा है। शिवसेना में ठाणे जिले के सर्वेसर्वा कहे जाने वाले एकनाथ शिंदे के राज्य का मुखिया बनने से ठाणे जिले का महत्व बढ़ गया है। मुख्यमंत्री के साथ ठाणे और पालघर के सभी शिवसेना विधायक हैं। राज्य के इतिहास में पहली बार ठाणे की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हुई क्योंकि शिंदे की राजनीतिक कर्मभूमि ठाणे ही रही है। यह तय है कि एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने पर ठाणे और आसपास के जिलों की राजनीति में तेजी से बदलाव आएगा। वैसे नारायण राणे और ए.आर. अंतुले के बाद एकनाथ शिंदे कोंकण क्षेत्र से तीसरे मुख्यमंत्री हैं।

    जिले के कौन होंगे मंत्री

    एकनाथ शिंदे मंत्रिमंडल में ठाणे जिले के कई विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है। वैसे शिवसेना के बाद बीजेपी का भी प्रभाव ठाणे जिले में काफी बढ़ा है। 2019 के विधानसभा चुनाव के पहले एनसीपी छोड़ बीजेपी में आने वाले ऐरोली के विधायक और नवी मुंबई के कद्दावर नेता गणेश नाईक को शिंदे मंत्रिमंडल में जगह मिलनी तय है, इसके अलावा फडणवीस मंत्रिमंडल में उनके नजदीकी रहे डोंबिवली से विधायक रविन्द्र चव्हाण को भी शिंदे सरकार में मंत्री पद मिलेगा। वैसे ठाणे शहर से भी बीजेपी के वरिष्ठ विधायक संजय केलकर और विधानपरिषद सदस्य और शहर बीजेपी के अध्यक्ष निरंजन डावखरे में किसी एक को राज्य मंत्री पद दिया जा सकता है।

    शिवसेना के एससी-एसटी विधायक को मौका

    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे जिले पर अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए अपने समर्थक एससी-एसटी विधायकों को मंत्री बना सकते हैं। इनमें अंबरनाथ एससी सुरक्षित सीट से तीन बार के विधायक डॉ. बालाजी किणीकर का नाम लिया जा रहा है। इसके अलावा भिवंडी ग्रामीण  आदिवासी सीट से सेना विधायक शांताराम मोरे का नंबर लग सकता है। पालघर जिले से शिवसेना के एकमात्र आदिवासी विधायक श्रीनिवास वनगा को भी शिंदे मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है। पालघर के ही शिवसेना संपर्क प्रमुख और विप में विधायक रविन्द्र फाटक भी एकनाथ शिंदे के गुट बुक में हैं। ओवला-माजीवाडा से तीन बार के शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक बदले राजनीतिक समीकरण के बीच मंत्रिमंडल में स्थान पा सकते हैं। सरनाईक शिंदे और बीजेपी दोनों के करीब हैं।

    कुछ विधायकों की लॉटरी

    गौरतलब है कि आने वाले महीनो में जिले के ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, उल्हासनगर महानगरपालिकाओं के चुनाव भी हैं। इन महानगरपालिका पर कब्जे के लिए मुख्यमंत्री शिंदे की शिवसेना और बीजेपी के अलावा उद्धव के नेतृत्व वाली शिवसेना की नजर है, इसलिए शिंदे मंत्रिमंडल में जिले के दोनों दलों के कुछ विधायकों की लॉटरी निश्चित रूप से लगेगी।