मुंबई पुलिस का कारनामा, बिछड़े बच्चों को मां से मिलवाया

    ठाणे: मुंबई में छह से 11 वर्ष की आयु के चार बच्चे एक लोकल ट्रेन पर चढ़ गए लेकिन भारी भीड़ के कारण, साथ में आई उनकी मां स्टेशन पर ही रह गयीं जिसके बाद पुलिसकर्मियों द्वारा त्वरित कार्रवाई के कारण महिला अपने बच्चों से मिल पाई। पुलिस ने यह जानकारी दी।मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्तालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार घटना 26 जनवरी को घटी। पुलिस के कुछ कर्मी और उप निरीक्षक उज्ज्वल आर्के गणतंत्र दिवस के अवसर पर मीरा रोड से गेटवे ऑफ इंडिया तक साइकिल से गए थे। 

    वापसी में वे चर्चगेट से मीरा रोड के लिए लोकल ट्रेन में सवार हो गए। अंधेरी स्टेशन पर दो महिलाएं लोकल ट्रेन में चढ़ीं जो परेशान दिख रही थीं और रो रही थीं। आर्के ने जब पूछा तो सोनी सिंह नामक महिला ने कहा कि वह अपनी सास और चार बच्चों- तीन बेटे और एक बेटी के साथ निकली थी। उसने बताया कि वे अंधेरी स्टेशन पर विरार के लिए ट्रेन पकड़ना चाहते थे। 

    जब ट्रेन आई तो भीड़भाड़ के चलते महिला ने बच्चों को पहले चढ़ने दिया और महिला तथा उसकी सास के चढ़ने से पहले ट्रेन चल दी। सिंह की बात सुनकर आर्के ने तत्काल रेलवे नियंत्रण कक्ष और राजकीय रेलवे पुलिस से सम्पर्क किया और उन्हें घटना की जानकारी दी।

    बयान में कहा गया कि उक्त लोकल ट्रेन के रास्ते में पड़ने वाले सभी रेलवे स्टेशनों को इसकी सूचना दी गई और तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस को बोरिवली स्टेशन पर बच्चे मिले जिसके बाद ट्रेन के पहुंचने पर महिला को उसके बच्चे सौंप दिए गए। पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों द्वारा किये गए कार्य की सराहना की। (एजेंसी)