Dharmapal Meshram

    नागपुर. भाजपा प्रदेश सचिव धर्मपाल मेश्राम ने प्रेस- परिषद में राज्य की ठाकरे सरकार पर दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों से यह सरकार अनुसूचित जाति-जमाति आयोग के गठन को टाल रही है जिसके चलते हजारों सुनवाई नहीं हुई हैं. एसटी-एससी कर्मचारियों की सेवा विषयक समस्याएं भी दुर्लक्षित पड़ी हैं. आयोग का गठन नहीं कर ठाकरे सरकार दगाबाजी कर रही है.

    उन्होंने कहा कि राज्य में 10 फीसदी से अधिक जनसंख्या एसटी, एससी की है. समाज में रोजगार, नौकरी में पदोन्नति, आरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, जमीन की मालिकी, विद्यार्थियों की सुविधा और स्कॉलरशिप आदि मूलभूत सुविधाओं से उन्हें वंचित रखा गया है. यह ठाकरे सरकार का षड्यंत्र है. उन्होंने कहा कि जातीय अत्याचार के मामलों की दखल देकर न्याय देने की जिम्मेदारी आयोग की होती है लेकिन आयोग खुद ही इस सरकार द्वारा बेदखल कर दिया गया है तो समाज को न्याय कौन देगा. 

    समाज के खिलाफ बढ़ीं घटनाएं

    मेश्राम ने कहा कि राज्य में एससी-एसटी समाज के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं बढ़ीं हैं. यह सरकार उन आंकड़ों को छिपा रही है. एससी-एसटी अत्याचार प्रतिबंधक कानून के तहत कितने परिवार न्याय की प्रतीक्षा में हैं इसकी आंकड़ेवारी सरकार सार्वजनिक करे. राज्य के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा बैठक होना बंधनकारक होते हुए भी कोई बैठक नहीं ली गई.

    अत्याचार पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और मदद के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली निधि से भी कई परिवार वंचित हैं. 5,000 से अधिक प्रकरण आयोग के समक्ष प्रलंबित हैं. पदोन्नति से आरक्षण रद्द कर राज्य सरकार ने अपना वंचित विरोधी चेहरा खुद ही उजागर कर दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह अत्याचार जारी रहा तो भाजपा सड़क पर उतर कर विरोध करेगी.