Railway Station Platform No 8

    नागपुर. पिछले कुछ दिनों तक स्टेशन के पश्चिमी भाग के प्रवेश द्वार पर बैगेज स्कैनर की कमी का मुद्दा काफी गर्म रहा. स्कैनर न होने से रेलवे सुरक्षा बल ने सिक्योरिटी चेक सील देने से मना कर दिया तो मंडल प्रबंधक को क्लाक रूम सुविधा तक बंद करनी पड़ी थी. मामला इतना गर्म रहा कि मंडल प्रबंधन और आरपीएफ आमने-सामने आ गये. मुख्य विषय स्टेशन में ले जाने वाले लगेज की जांच थी लेकिन यह टशन पूर्वी भाग की ओर प्लेटफार्म 8 पर यात्रियों और रेल संपत्ति की सुरक्षा का लेकर नदारद रहा. यहां न तो प्लेटफार्म तक आने की कोई रोक है, न ही बैगेज स्कैनर जैसे हाईटेक सुरक्षा उपकरण. यात्री सीधे प्लेटफार्म पर पहुंचकर ट्रेन में सवार हो जाते हैं.

    नहीं कोई खतरा लेकिन बड़ी खामी

    हाल में किसी अज्ञात द्वारा देश के 43 स्टेशनों पर धमाके की धमकी दी थी. सभी स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई थी. हालांकि इन 43 स्टेशनों में नागपुर का नाम नहीं था लेकिन आरपीएफ कोई कोताही नहीं बतरना चाहती थी. अंदरखाने में चर्चा है कि खुफिया विभाग के अनुसार नागपुर स्टेशन किसी भी प्रकार की संदिग्ध आतंकवादी हमलों की संभावना क्षेत्र में नहीं आता लेकिन ऐसा मानकर लापरवाही नहीं बरती जा सकती. आरएसएस हेडक्वार्टर, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी का शहर और अन्य कई कारणों से नागपुर देश के सबसे संवेदनशील स्टेशनों में शामिल है. यहां से देश की हर दिशा में जाने के लए ट्रेनें उपलब्ध हैं. ऐसे में प्लेटफार्म 8 का हर तरफ से खुला होना और बिना किसी जांच के सीधे प्लेटफार्म और ट्रेन तक पहुंच जाना सुरक्षा में बड़ी खामी साबित हो सकती है.

    खूब हो रही स्मगलिंग और हवाला

    इस ओर स्कैनिंग मशीन न होने से कई बड़े अपराध हो रहे हैं लेकिन किसी को पता नहीं चल रहा. हर दिन मुंबई से आने और जाने वाली दूरंतो एक्सप्रेस में स्मगलिंग हो रही है लेकिन आरपीएफ और जीआरपी को खबर तक नहीं लग रही. हवाला कारोबार से जुड़े कुरियर ब्वॉय हर दिन लाखों की रकम लाने-ले जाने का काम कर रहे हैं. खास बात यह कि हवाला के इस काम में लाखों-करोड़ों के गहनों की भी आवाजाही भी बिना किसी डर के की जा रही है. उल्लेखनीय है कि नागपुर की तुलना में मुंबई में गहनों को डिजाइन की मजदूरी काफी कम पड़ती है. ऐसे में शहर में सोना-चांदी के व्यापारी अधिकांश गहनें वहीं से बनाकर लाते हैं. इनमें कइयों के बिल भी नहीं होते. मुंबई से आने वाली ड्रग्स के लिए भी दूरंतो एक्सप्रेस सबसे बेहतरीन साधन है. कई बार आरपीएफ और शहर पुलिस भी इस बारे में प्लेटफार्म 8 पर ड्रग्स हैंडलरों को पकड़ा है लेकिन अब ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो रही.

    CCTV ही नहीं, कार एक्सरे की भी जरूरत

    पश्चिमी भाग की ओर यूवीएसएस सिस्टम लगा हुआ है जहां स्टेशन परिसर में आने वाले वाहनों की स्कैनिंग हो जाती है लेकिन कार टू कोच सुविधा वाले प्लेटफार्म 8 पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. हालांकि पूरा स्टेशन 240 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से लैस है. इनमें अभी 30 और कैमरे जुड़ने वाले हैं लेकिन बैगेज स्कैनर के साथ ही कार एक्सरे सिस्टम की भी सख्त जरूरत है. इसे पार्सल ऑफिस की ओर से प्रवेश स्थान पर लगाया जा सकता है. इसमें कार में रखे हर सामान की एक्सरे जांच की जा सकती है. कुल मिलाकर यात्रियों की उपस्थिति के कारण उनकी सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता. ऐसे में मंडल प्रबंधन और आरपीएफ को समय के साथ हाईटेक होना जरूरी है.