Firing
प्रतीकात्मक तस्वीर

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नागपुर. अपने ही सहकर्मी पर फायरिंग कर जान से मारने का प्रयास करने वाली आरटीओ इंस्पेक्टर गीता शेजवल का कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल रहा है. पहले सत्र और फिर उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी खारिज होने के बाद भी पुलिस शेजवल को ढूंढ नहीं पा रही है. बीते माह पुलिस ने शेजवल को अपने ही सहकर्मी आरटीओ इंस्पेक्टर संकेत गायकवाड़ पर सर्विस रिवॉल्वर से फायरिंग करने के मामले में आरोपी बनाया था.

प्रकरण दर्ज होते ही शेजवल अंडरग्राउंड हो गईं. गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले सत्र न्यायालय में अपील की. वहां से राहत नहीं मिलने पर हाई कोर्ट में अपील की थी लेकिन वहां भी शेजवल को झटका मिला.

दोनों ही अदालतों ने जमानत ठुकरा दी. इसके बाद शेजवल की गिरफ्तारी तय मानी जा रही थी लेकिन पुलिस कोई भी सुराग जुटा पाने में विफल दिख रही है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि शेजवल बहुत ही चालाकी से गिरफ्तारी से बच रही हैं. अपराध दर्ज होते ही शेजवल ने अपना फोन बंद कर दिया. इसके बाद लगातार अपने ठिकाने बदल रही हैं लेकिन जल्द ही गिरफ्तारी हो जाएगी. 5 मई 2022 को संकेत गायकवाड़ के पैर में गोली लगी थी. गायकवाड़ ने रिवॉल्वर हाथ से छूटकर जमीन पर गिरने और अचानक फायर होने की जानकारी दी थी लेकिन जांच में शेजवल द्वारा गोली चलाए जाने का खुलासा हुआ.

शेजवल के खिलाफ इसके पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं. शेजवल अपने भाई के जरिए आरटीओ अधिकारियों को धमकाती थीं. अच्छी पोस्टिंग पाने के लिए आरटीओ के अधिकारी शेजवल की मदद से अन्य अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाते थे. ऐसी घटनाएं पूर्व में सामने आ चुकी हैं. आरटीओ द्वारा राज्य के सीमावर्ती इलाकों में की जाने वाली वसूली को लेकर गायकवाड़ और शेजवल के बीच ठनी थी.

भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के बाद शेजवल की कई संपत्तियों की जानकारी सामने आई थी लेकिन एंटी करप्शन ब्यूरो ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया. अब सिटी पुलिस भी शेजवल पर एक्शन लेने के लिए आरटीओ को पत्र लिख चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. बताया जाता है कि आरटीओ के आला अधिकारी भी शेजवल के दबाव में काम करते हैं.