CM Eknath Shinde and Dy CM Devendra Fadnavis

    नागपुर/जालना. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेस के नवनिर्मित प्रथम खंड का निरीक्षण करने के लिए नागपुर और शिरडी शहर के बीच रविवार को ‘टेस्ट ड्राइव’ किया। इस यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें जालना शहर में काले झंडे दिखाये।

    उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को घोषणा की थी कि इस परियोजना के नागपुर से शिरडी तक के हिस्से का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 दिसंबर को करेंगे, जबकि शेष हिस्से का निर्माण छह महीने में पूरा किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लंबित बिल को लेकर किसानों का बिजली कनेक्शन काटने, छत्रपति शिवाजी महाराज पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हालिया बयानों सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर शिंदे तथा फडणवीस को यात्रा के दौरान काले झंडे दिखाये।

    जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि वाहन के चालक की सीट पर फडणवीस बैठे हुए थे। उन्होंने और शिंदे ने अपने काफिले के साथ यात्रा दोपहर पौने एक बजे नागपुर में समृद्धि एक्सप्रेसवे के ‘जीरो प्वाइंट’ से शुरू की। नागपुर से शिरडी के बीच की दूरी 520 किमी है। शिंदे को वाहन की अगली सीट पर फडणवीस के बगल में बैठे देखा गया।

    महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के प्रबंध निदेशक राधेश्याम मोपलवार और कुछ अधिकारी उनके साथ थे। उनकी निरीक्षण यात्रा का विदर्भ क्षेत्र के नागपुर, वर्धा, अमरावती, वाशिम, बुलढाना जिलों में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग की कुल लंबाई 701 किमी है। इसे 49,250 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया जा रहा। यह 10 जिलों में 392 गांवों से होकर गुजरता है।

    यात्रा से पहले नागपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि समृद्धि एक्सप्रेसवे एक निर्णायक परियोजना साबित होगी, जो दोनों शहरों के बीच की दूरी घटाएगी और इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नागपुर से शिरडी जाने के दौरान अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे जब शिंदे और फडणवीस जालना शहर के बाहरी इलाके में पहुंचे, तब रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे और पूर्व मंत्री अर्जुन खोटकर ने उनका स्वागत किया। हालांकि, आयोजन स्थल पर कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता भी पहुंच गये और काले झंडे लहराये।

    कांग्रेस की किसान शाखा के जालना जिला प्रमुख नारायण वाडेकर ने संवाददाताओं से बात करते हुए यह जानना चाहा कि राज्य सरकार किसानों का बिजली बिल माफ क्यों नहीं कर रही है। इस बीच, शिंदे और फडणवीस की यात्रा से पहले महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद का मुद्दा भी नागपुर में सामने आया। रविवार सुबह शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कार्यकर्ताओं ने नागपुर हवाईअड्डा के पास लगाये गये कर्नाटक सरकार के पर्यटन विभाग के पोस्टर फाड़ दिये। उन्होंने कर्नाटक सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। (एजेंसी)