In Maharashtra, 65 people died in just 9 months in wild animal attacks, 23 tigers died in 6 months, the state government said
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    नागपुर. गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से गुजरात के जामनगर स्थित रेस्क्यू सेंटर में 4 बाघ और 4 तेंदुओं को स्थानांतरित किया गया है. गोरेवाड़ा में बाघ और तेंदुओं की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि उनकी देखभाल करना मुश्किल हो रहा था. ऐसे में प्रदेश सरकार के निर्देश पर 8 वन्य प्राणियों को जामनगर के ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन किंगडम में भेजा गया है.

    यह सेंटर प्राइवेट है जो वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन के लिए काम करता है. करीब 250 एकड़ के विशाल परिसर में फैला यह सेंटर दुनिया का सबसे बड़ा एनिमल होम है. हालांकि देश के कई राज्यों में सरकारी रेस्क्यू सेंटर हैं लेकिन गोरेवाड़ा प्रबंधन ने वन्य प्राणियों को स्थानांतरित करने के लिए सबसे बेहतर विकल्प जामनगर को माना.

    उधर, गोरेवाड़ा प्रकल्प के विभागीय प्रबंधक शतानिक भागवत ने कहा कि बाघ और तेंदुओं की संख्या अधिक हो जाने के कारण उन्हें सारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद जामनगर रेस्क्यू सेंटर में भेजा गया है. उन्होंने कहा कि अब और वन्य प्राणियों को स्थानांतरित करने की योजना नहीं है.

    गौरतलब है कि हाल के वर्षों में बाघ और तेंदुओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इसके कारण मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ी हैं. यही कारण है कि नरभक्षी होने वाले बाघ और तेंदुओं को पकड़कर गोरेवाड़ा में रखा जा रहा था.