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नागपुर. विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने सोमवार को अपना 18 दीक्षांत समारोह मनाया. कोरोना महामारी के चलते सारा कार्यक्रम ऑनलाइन और बिना धूमधाम के रहा. कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब लिंक के माध्यम से, संस्थान की वेबसाइट और ट्विटर के रूप में अन्य सोशल मीडिया वेबसाइटों के माध्यम से किया गया. केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ समारोह के मुख्य अतिथि रहे. इस दौरान केंद्रीय शिक्षा, संचार तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय धोत्रे और एल एंड टी कम्पनी के आजीवन निदेशक जेडी पाटिल भी शामिल हुए. समारोह में कुल 1,134 डिग्रियां, 45 पदक और 67 नकद पुरस्कार प्रदान किए गए. इनमें 61 को डॉक्टर ऑफ फिलोसफी यानी पीएचडी, 268 को मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी, 94 को मास्टर ऑफ साइंस, 648 विद्यार्थियों को बेचलर ऑफ टेक्नोलॉजी तथा 63 को बेचलर ऑफ आर्किटेक्ट की डिग्री दी गई.

अब्दुल सत्तार रहे अव्वल

इस वर्ष, प्रतिष्ठित सर विश्वेश्वरैया पदक बी.टेक के अब्दुल सत्तार मोहम्मद अशरफ मपारा को दिया गया था. कम्प्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग में बी.टेक के सभी विषयों को उच्चतम अंक हासिल करने के लिए इस मैडल के लिए चुना गया. इसके अलावा उन्हें एनजी जोशी पुरस्कार, डॉ. एजी पैठनकर पदक तथा महामहोपाध्याय पद्मविभूषण डॉ. वीवी मिराशी पदक भी प्रदान किया गया. खास बात रही कि एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड और पराग तिजारे पुरस्कार जो बी.टेक में उच्चतम अंकों के लिए दिए जाते हैं, वह भी अब्दुल ने अपने नाम किये. 

चेतना को सबसे अधिक पुरस्कार व मेडल

बी.टेक की छात्रा चेतना श्रीवास्तव ने सिविल इंजीनियरिंग में सबसे अधिक पुरस्कार और पदक प्राप्त किये. उसे इंस्टीट्यूटी मेडल, एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड, वाटवे एजुकेशन ट्रस्ट पुरस्कार, विष्णु दिवाकर सह भाऊसाहेब गिजरे पुरस्कार, पी.जे. सहस्त्रबुद्धे स्मृति पुरस्कार, सीटी घारपुरे पुरस्कार, प्रा. एमएस जोशी मेडल, अमोल कृष्णराव कावडकर मेडल तथा सादिब वली पदक भी मिला. इसके अलावा उन्हें एडवांस स्ट्रक्चलर एनालिसिस विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए डॉ. एसएस अमीन पुरस्कार भी प्रदान किया गया. विश्राम जामदार की स्मृति में शुरू किए गए पदकों में से एक भी चेतना के नाम रहा जो उन्हें बी.टेक में सर्वाधिक अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहने के लिए दिया गया, जबकि दूसरा पुरस्कार धातु और सामग्री इंजीनियरिंग के तक बी.टेक के सागर कुलकर्णी को प्रदान किया गया. 

3D से आत्मनिर्भर होगा भारत : डॉ. पाखरियाल

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपने भाषण में सभी छात्रों का अभिनंदन करते हुए देश के पास लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और मांग की 3डी के बारे में बताया. उन्होंने छात्रों से इन 3डी का उपयोग करने और देश को आत्मनिर्भर बनने में मदद करने के साथ 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्राप्त करने की अपील की. उन्होंने राष्ट्र निर्माण में इंजीनियरिंग की भूमिका पर जोर दिया. इससे पहले वीएनआईटी के डायरेक्टर प्रा. पीएम पडोले ने प्रास्ताविक रखा. वहीं, रजिस्ट्रालर डॉ. एसआर साठे ने आभार प्रदर्शन किया.