Nashik Municipal Corporation suffered a setback of 150 crores in the first quarter, the councilors may have to face problems

    नाशिक.  अगले साल की शुरुआत में नाशिक महनगरपालिका चुनाव (Nashik Municipal Elections) के लिए राज्य सरकार ने घोषित की गई त्रिसदस्यीय प्रभाग रचना में अब कोई बदलाव न होने की बात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट करने के बाद इच्छुकों ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।  महिला और राजनीतिक आरक्षण सहित तीन सदस्यों का पैनल तैयार करने की गतिविधिया शुरू हो गई है। 

    राज्यपाल ने त्रिसदस्यीय रचना पर मुहर लगाने के बाद चुनाव की तैयारी तेज होगी।  राज्य में महाविकास आघाड़ी की सरकार सत्ता में आने के बाद भाजपा द्वारा की गई बहुसदस्यीय प्रभाग पद्धती रद्द कर मुंबई की तर्ज पर एक सदस्यीय प्रभाग पद्धती करने के लिए कानून बनाया, जिसे लेकर महाविकास आघाड़ी में मतभेद निर्माण हुए। राष्ट्रवादी कांग्रेस को पुणे और पिंपरी-चिंचवड के लिए दो सदस्यीय प्रभाग रचना चाहिए थी।  परंतु एक सदस्यीय प्रभाग रच का कानून बनाने से उसमें बदल करने के लिए विधी मंडल का अधिवेशन बुलाना आवश्यक था। परंतु राज्य चुनाव आयोग ने इसके पहले एक सदस्यीय रचना के तहत कच्चा प्रस्ताव तैयार करने की सूचना देने से आगामी समय में अधिवेशन नहीं होगा। 

    प्रक्रिया राजनीतिक स्तर पर तेज 

    इसलिए 22 सितंबर को त्रिसदस्यीय प्रभाग रचना को मंजूरी दी गई।  परंतु महाविकास आघाड़ी में शामिल कांग्रेस ने दो सदस्यों का प्रभाग करने की मांग करने से एक बार फिर प्रभाग रचना में बदलाव होने की संभावना व्यक्त की जा रही थी।  28 सितंबर को राज्य मंत्री मंडल की बैठक में द्विसदस्यीय प्रभाग रचना पर मुहर लगेगी, ऐसा कहा जा रहा था।  परंतु बैठक के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने त्रिसदस्यीय प्रभाग रचना होने की बात स्पष्ट की।  अब इस पर राज्यपाल मुहर लगाते है या नहीं इस ओर सभी की निगाहें लगी हुई है।  राज्यपाल की मंजूरी के बाद त्रिसदस्यीय रचना पर सही मायने में मुहर लगेगी।  राज्य सकरार ने त्रिसदस्यीय रचना पर मुहर लगाने से पैनल तैयार करने की प्रक्रिया राजनीतिक स्तर पर तेज हो गई है। 

    बदलेगी 2011 के आबादी की सिमा

    प्रभाग रचना करते समय 2011 के आबादी को ध्यान में रखा जाएगा।  तो 2002 और 2007 के महानगरपालिका चुनाव में त्रिसदस्यीय प्रभाग रचना होने से उसके तहत प्रभाग रचना का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।  फिर भी आबादी के तहत ब्लॉक तैयार करने होंगे।  इसके चलते प्रभागों की सिमा बदलने वाली है।  2011 की जनगणना के तहत त्रिसदस्यीय प्रभाग रचना करने के लिए 32 से 35 हजार आबादी का एक प्रभाग होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।