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    नाशिक: कोरोना (Corona) का नया वायरस ओमीक्रोन (New Virus Omikron) ग्रामीण परिसर ( Rural Areas) में अपने पैर पसार रहा है। घर पर इलाज (Treatment) करा रहे कोरोना मरीजों (Corona Patients) की संख्या अधिक है। 15 प्रतिशत मरीजों के अस्पताल में पहुंचने का अनुमान स्वास्थ्य विभाग ने लगाया है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। जरूरतमंद कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कोरोना केयर सेंटर (Corona Care Center) और डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर (Dedicated Covid Health Center) फिर से शुरू कर दिया गया है।

     दिसंबर आखिर में कोरोना की तीसरी लहर ने प्रवेश किया है। संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अनेक मरीजों को घर में अलग रखा जा रहा है। कुछ मरीजों को डॉक्टर से इलाज की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए जिला परिषद की सीईओ लीना बनसोडे ने ग्रामीण परिसर में कोविड केयर सेंटर और डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर कार्यान्वित करने के आदेश  दिए हैं। इसके अनुसार ग्रामीण परिसर में ऑक्सीजन आपूर्ति सहित बेड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

    डीसीएचसी में 1850 बेड की व्यवस्था

    ग्रामीण परिसर के मरीजों के लिए उनके गांव अथवा गांव के समीप कोरोना संक्रमण का इलाज करवाने के लिए डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्रामीण अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डीसीएचसी मरीजों को सेवा मिलेगी। इस प्रकार से कुल 43 जगह पर 1850 बेड की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक ग्रामीण अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में न्यूनतम 30 से 40 बेड और तहसील के स्तर पर प्रत्येक उपजिला अस्पताल में न्यूनतम 50 बेड की सुविधा स्थानीय स्तर उपलब्ध कराई जाएगी। 

    कहां कितना बेड उपलब्ध

    जिला अस्पताल नाशिक  144
    सामान्य अस्पताल, मालेगांव    100
    उप जिला अस्पताल कलवण     50
    उप जिला अस्पताल चांदवड़  50
    कुल बेड 344