Wet famine will be declared in every district: Gulab Patil

    नाशिक.  मराठवाड़ा (Marathwada) और राज्य (State) के अन्य हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain) के कारण, मनसे अध्यक्ष (MNS President) राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने राज्य में सूखा घोषित करने और प्रत्येक को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की मांग की है।  राज्य के जल आपूर्ति मंत्री गुलाब पाटिल ने राज की मांग की आलोचना की है।

    गुलाब पाटिल ने कहा है कि राज ठाकरे की मांग का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने बहुत अच्छा और बड़ा काम किया है। गुलाब पाटिल गुरुवार को नाशिक के दौरे पर थे।  इस दौरान उनसे राज ठाकरे द्वारा की गई मांग के बारे में पूछा गया।  उन्होंने जवाब दिया कि राज ठाकरे ने मांग की यह मान्य है, लेकिन उन्होंने मांग की उसका मतलब कोई बड़ा काम नहीं किया।  पाटिल ने कहा कि राजनीति मत करो, ऑर्डर करना आसान है लेकिन फैसला पंचनामा के बाद ही लिया जाएगा।  उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में गीला आकाल घोषित किया जाएगा। 

    जलगांव जिले में 3500 हेक्टेयर केले का नुकसान 

    जलगांव जिले में 3500 हेक्टेयर केले को नुकसान पहुंचा है।  कई घर और खेत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।  इसके लिए पंचनामा के आदेश जारी कर दिए गए हैं।  हर फसल अलग होती है इस लिए एक साथ मदद नहीं की जा सकती।  फसलों के नुकसान का पंचनामा कर के ही किसानों की मदद की जा सकती है।  पंचनामें एक साथ और जल्दी करने के प्रयत्न किए जा रहे हैं।  सरकार ने इस बारिश को गीला आकाल के रूप में दर्ज किया है।  उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट में पूरी जानकारी मिलने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।  उन्होंने अतिरिक्त वर्षा के लिए केंद्र की सहायता पर भी टिप्पणी की।  ऐसे में केंद्र सरकार को राज्य को भुगतान करना चाहिए।  लेकिन केंद्र कोई मदद नहीं कर रहा है। 

    खडसे को ईडी का नोटिस पर चर्चा 

    एनसीपी नेता एकनाथ खडसे को मिली ईडी की नोटिस पर भी पाटील ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बुधवार को एकनाथ खडसे जलगांव में थे। उन्हें ईडी का नोटीस मिला है। एैसा माना जा रहा है कि खडसे की पत्नी के नाम पर जो जमीनें खरीदी गई हैं उस संबंध में ईडी ने उन्हें नोटिस भेजा है। 

    सुहास कांदे धमकी से ना घबराएं

    उन्होंने खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल और शिवसेना विधायक सुहास कांदे के बीच विवाद पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की।  सुहास कांदे को धमकियों से नहीं डरना चाहिए।  हम बालासाहेब ठाकरे के शिवसैनिक हैं।  भुजबल और कांदे को बैठकर विवाद सुलझाना चाहिए।  उन्होंने भुजबल से यह भी कहा कि पालक को बच्चों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए और बच्चों को पालक की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए।