Relief to Param Bir Singh, Mumbai court cancels non-bailable warrant in extortion case registered at Marine Drive Police Station
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    मुंबई: पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Former Mumbai Police Commissioner Param Bir Singh) को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सिंह के खिलाफ एक मामले में जारी गैर-ज़मानती वारंट (Non-Bailable Warrant) मुंबई के एक कोर्ट से रद्द कर दिया है। इससे पहले ठाणे (Thane) के एक कोर्ट (Court) ने उनके खिलाफ जारी गैर-ज़मानती वारंट रद्द कर दिया था। 

    बता दें कि, मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने मरीन ड्राइव जबरन वसूली मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया। मंगलवार को वह खुद अदालत के सामने पेश हुए। उन्होंने वारंट रद्द करने के लिए  आवेदन दायर किया था। इस मामले में मुंबई पुलिस ने दो अन्य पुलिस अधिकारियों को भी अरेस्ट किया था। 

    दरअसल कई दिनों तक सामने न आने के बाद परमबीर सिंह बीते गुरुवार को कोर्ट के आदेश के बाद सामने आए थे। उनसे मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) ने एक मामले पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया था। बता दें कि, पूर्व पुलिस कमिश्नर पर मुंबई और ठाणे के पुलिस थानों में जबरन वसूली और रंगदारी जैसे आरोपों के बाद मामले दर्ज हैं जिनकी जांच फिलहाल पुलिस कर रही है।    

    बता दें कि, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परमबीर सिंह गुरुवार को मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंचे थे। अधिकारियों ने रंगदारी के एक मामले में उनका बयान दर्ज किया। दरअसल कोर्ट (Court) ने जबरन वसूली के एक मामले (Extortion Case) में आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह (Param Bir Singh) को भगोड़ा घोषित किया है। पूर्व कमिश्नर सिंह के खिलाफ कोर्ट ने तीसरा गैर-जमानती वारंट जारी किया था। 

    मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटाए जाने और मार्च में होमगार्ड्स में तबादला किए जाने के कुछ दिनों बाद सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि, अनिल देशमुख पुलिस अधिकारियों से मुंबई में रेस्त्रां और बार मालिकों से पैसा लेने के लिए कहते थे। एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने आरोपों से इनकार किया है। इस मामले में ईडी भी देशमुख के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर रहा है।