Bhiwandi Traffic Jam

    भिवंडी: एक माह से स्व. राजीव गांधी फ्लाईओवर मरम्मत के लिए बंद होने की वजह से शहरवासी भारी ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) समस्या से बेहाल हैं। शहर में चारों ओर जाम लगा हुआ है। दुपहिया, चार पहिया वाहन सड़कों पर रेंग-रेंग कर चल रहे हैं। भारी जाम की वजह से इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित हो रही है। पैदल चलना भी बेहद कठिन है। ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) के जवान प्रमुख मार्गों पर हो रहे भारी जाम (Jam) को सुचारू किए जाने में दिन भर पसीने बहाते देखे जाते हैं, बावजूद जाम जस का तस लगा रहता है।

    गौरतलब है कि विगत एक माह से स्व. राजीव गांधी फ्लाईओवर भिवंडी महानगरपालिका प्रशासन (Bhiwandi Municipal Administration) द्वारा मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया है। फ्लाईओवर बंद होने की वजह से फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरने वाला तमाम ट्रैफिक ब्रिज के नीचे से गुजर रहा है। अनियंत्रित ट्रैफिक की वजह से चारों और जाम लगा हुआ है। 

    एक किमी की दूरी तय करने में लगते हैं एक घंटे

    धामनकर नाका से महानगरपालिका मुख्यालय तक करीब एक किलोमीटर की दूरी को तय करने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है। शहर में चारों ओर जाम होने के कारण कल्याण नाका, बंजार पट्टी नाका, मंडई, तीन बत्ती आदि क्षेत्रों में जाने के लिए वाहन चालकों को सौ बार सोचना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महानगरपालिका प्रशासन द्वारा स्व. राजीव गांधी फ्लाईओवर को मरम्मत के लिए बंद किया गया, लेकिन ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कोई जरूरी उपाय अंजाम नहीं दिया गया। महानगरपालिका  प्रशासन की गलत कार्यप्रणाली की वजह से शहरवासी जाम से बेहाल हैं।

    अनियोजित ऑटो स्टैंड भी जाम का कारण

     कई  लोगों ने महानगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर तंज कसते हुए कहा कि महानगरपालिका प्रशासन की लापरवाही की वजह से शहर में 10-10 कदम पर ऑटो रिक्शा स्टैंड बन गए हैं। जगह-जगह ऑटो रिक्शा स्टैंड होने से भी जाम का सामना करना पड़ रहा है। जागरूक नागरिक ठाकुर श्रीराज सिंह, महेंद्र सिंह, प्रकाश पाल, श्रीराम केवट आदि ने महानगरपालिका प्रशासन की गलत कार्यप्रणाली पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा की मंडई से जकात नाका की एक किलोमीटर दूरी में 4-5 ऑटो रिक्शा स्टैंड हैं। स्टैंड पर हमेशा एकाध आधा दर्जन रिक्शा अनियंत्रित तरीके से खड़े रहते हैं और जाम को बढ़ावा देते हैं। मंडई से शिवाजी चौक तक 3-4 जगह रिक्शा स्टैंड है जो एकदम गलत है। एक किलोमीटर की दूरी में हिसाब से ज्यादा से ज्यादा 2 रिक्शा स्टैंड ही होना चाहिए जिससे कि यात्रियों को सहूलियत हो। भिवंडी शहर में महानगरपालिका प्रशासन की लापरवाह कार्यप्रणाली की वजह से भी जाम लग रहा है।

     9 दिन चले अढ़ाई कोस भिवंडी में चरितार्थ

    भिवंडी में 9 दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत पूर्णतया चरितार्थ हो रही है। शहर में कहीं भी कम से कम दूरी पर जाने के लिए 1-2 घंटा लगना आम बात हो गई है। एसटी बसों की हड़ताल होने से तमाम रिक्शावाले सड़कों पर अनियंत्रित तरीके से खड़े रहकर यात्रियों को भरते देखे जाते हैं। ऑटोरिक्शा चालकों की मनमानी से भी जाम की स्थिति बन गई है। यहां के नागरिकों का कहना है कि शहरवासियों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए महानगरपालिका प्रशासन को बेहतर उपाय योजना बनाए जाने की आवश्यकता है।