भिवंडी में एसटी की हड़ताल से यात्री हो रहे परेशान

    भिवंडी:  एसटी महामंडल (ST Mahamandal) कर्मचारियों की जारी हड़ताल (ST Strike) से यात्री भारी परेशानी झेल रहे हैं, बावजूद यात्रियों से ऑटो रिक्शा (Auto Rickshaw) वाले मनमाना किराया (Fare) वसूल रहे हैं। ऑटो रिक्शा चालकों की बल्ले-बल्ले हो गई है। एसटी महामंडल की हड़ताल को लेकर राज्य सरकार एवं महामंडल कर्मियों द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका के निर्णय की प्रतीक्षा महामंडल कर्मचारी सहित यात्री कर रहे हैं।

    गौरतलब है कि एसटी महामंडल कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 8 दिन से काम बंद हड़ताल पर हैं। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि सरकार उनकी मांग को अविलंब पूरी करें अन्यथा हड़ताल जारी रहेगी। 8 दिन से जारी एसटी बसों की हड़ताल से लोगों को दूसरे शहरों में आने जाने के लिए भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

    ऑटो रिक्शा चालक वसूल रहे मनमाना किराया

    ठाणे, कल्याण सहित आसपास क्षेत्रों में आने-जाने के लिए यात्री ऑटो रिक्शा का सहारा ले रहे हैं। हैरतअंगेज है कि अधिकांश ऑटोरिक्शा चालक बसों के बंद होने की वजह से यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।कई यात्रियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आम दिनों में भिवंडी से कल्याण तक 30-40 रुपए लगने वाला किराया अब बढ़कर 50-60 रुपए और ठाणे तक 50-60 रुपए का किराया का किराया अब 80 रुपए तक पहुंच चुका है।

    पेट्रोल मूल्य वृद्धि की दलील दे रहे ऑटोचालक

    किराया बढ़ने के कारणों के लिए ऑटोरिक्शा चालक पेट्रोलियम पदार्थों में हुई भारी वृद्धि की दलील देने लग गए हैं। कई ऑटोरिक्शा चालकों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल 5 रुपए कम किए जाने के बावजूद अभी भी पेट्रोल 109-110 रुपए में मिल रहा है। सुबह 7 बजे से रात्रि 12 बजे तक रिक्शा चलाने के बाद भी 200-300 रुपए की ही बचत होती है, जबकि दिहाड़ी मजदूरों की मजदूरी कम से कम 600-800 के बीच है। ऑटोरिक्शा चलाना अब बेगारी से भी बदतर कार्य हो गया है। यात्रियों से किराया बढ़ाया जाना मजबूरी है, अन्यथा खाने को मोहताज हो जाएंगे। 

    एसटी को हो रहा भारी नुकसान

    8 दिन से जारी हड़ताल की वजह से एसटी का करीब 50 लाख से अधिक का नुकसान बसों का फेरा रद्द होने से होने का अनुमान है। भिवंडी से प्रतिदिन करीब 500 से अधिक फेरा रद्द हो रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि एसटी बसें बंद होने की वजह से वह दूरदराज शहरों की यात्रा से बच रहे हैं। बसें जब शुरू होंगी तब का तब देखा जाएगा। यात्री संगठनों ने हाई कोर्ट और सरकार से यात्रियों की तकलीफ पर गौर करते हुए जल्द से जल्द एसटी महामंडल कर्मचारियों की मांगों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।