There is enough water in the Barvi dam, which supplies water to the city, yet people are facing problems

    उल्हासनगर. उल्हासनगर शहर (Ulhasnagar City) को जलापूर्ति (Water Supply) करने वाले जलाशय में पर्याप्त पानी होने के बावजूद अनेक वार्ड के लोग जल संकट (Water Crisis) का सामना करने पर मजबूर है। जलवाहिनियों के टूटने,  सैकड़ों जगह पाइप लाइन में लीकेज, कभी कभार तकनीकी खराबी आ जाने और कई लोगों द्वारा पानी की बर्बादी किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न होने की बात सामने आ रही ही।

    पानी की बर्बादी रोकने के लिए हर घर में पानी के मीटर लगाए जाने की मांग स्थानीय महानगरपालिका (Local Municipal Corporation) की नगरसेविका और पर्यावरण के क्षेत्र में उललेखनीय काम करने वाली मीना सोंडे ने की है। गौरतलब है कि उल्हासनगर महानगरपालिका एमआईडीसी के बारवी बांध से प्रतिदिन 140 एमएलडी पानी दिया जाता है।

    घर के टैक्स के साथ ही पानी का बिल जोड़कर भेजती है

    पिछले सप्ताह पानी का दबाव काफी कम होने से लोगों को परेशानी हुई वहीं शहर के कुर्ला कैम्प, मराठा सेक्शन, सुभाष टेकड़ी सहित भीमनगर आदि परिसर में रात के समय पानी आने से लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। पानी की कमी के कारण लोगों और जनप्रतिनिधियों में महानगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। शहरवासियों को महानगरपालिका के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है और लोगों के घरों में मीटर नहीं है महानगरपालिका उनसे घर के टैक्स के साथ ही पानी का बिल जोड़कर भेजती है। 

    पानी की बर्बादी रोकने के लगाए जाए पानी के मीटर

    पानी संकट के इस मुद्दे पर हमसे बातचीत करते हुए भाजपा की नगरसेविका मीना सोंडे ने कहा कि इस बार मानसून में अच्छी बरसात हुई है। इस वजह से बारवी बांध ओवर फ्लो हुआ है। लेकिन कई स्थानों पर पाइप लाइन से लीकेज होने वाले पानी और कई बार मुख्य पाइप लाइन के फट जाने के घटना के कारण लाखों लीटर पानी यूं ही बह जाता है। सोंडे के अनुसार इसी तरह उन्हें ऐसे वीडियो मिले है कि किस तरह लोग पानी की बर्बादी कर रहे है। उन्होंने कहा कि यदि महानगरपालिका द्वारा घर घर में पानी की रीडिंग करने वाले मीटर लगाए जाते है तो लोग पानी का इस्तेमाल आवश्कयता के मुताबिक केरेंगे। उपभोक्ताओं को अधिक बिल का भी डर रहेगा। मीना सोंडे ने कहा कि इसलिए मैंने यूएमसी से अनुरोध किया है कि पानी की बर्बादी को रोकने के लिए हर कनेक्शन पर मीटर लगाए जाने चाहिए।