crop tuar and chana
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    वर्धा. जिले में फिर एक बार मौसम ने करवट बदलने से किसानों का टेंशन बढ़ गया है़  इन दिनों तुअर की फसल खेतों में लहलहा रही है़  यही स्थिति चना फसल की बनी हुई है़ बदरीले मौसम के कारण तुअर, चना व गेहूं की फसल पर संकट मंडरा रहा है़ इससे जिले के किसानों में फिर एक बाद चिंता छायी हुई है़ खरीफ मौसम की फसल हाथ से निकलने के कारण किसानों की नजरें रबी की फसलों पर लगी हुई है़  जिले में 50 प्रतिशत से अधिक रबी की बुआई निपट चुकी है़  इसमें चना व गेहूं की बुआई अधिक मात्रा में हुई है़ खरीफ मौसम की तुअर फसल इन दिनों खेतों में लहलहा रही है.

    महंगे कीटनाशक का नहीं हो रहा असर 

    फसल फूलों व फल्लियों पर है़  परंतु दो दिनों से जिले में बदरीला मौसम छाने के कारण फसल संकट में आ गई है़  बदरीले मौसम के चलते फूल झड़ रहे है़ं  जबकि इल्लियों ने भी फूलों पर आक्रमण कर दिया है़  यह मौसम इल्लियों के लिए पोषक बताया जा रहा है़  परिणामवश खरीफ की तुअर फसल भी किसानों के हाथ से निकलने का डर पैदा हो गया है़  किसान महंगी औषधियों का उपयोग करते नजर आ रहे है़  उन्हें कृषि विभाग सलाह दे रहा है़  परंतु सभी उपाय योजना बदलते मौसम के सामने विफल साबित हो रही है.  

    फसल पर मौसम की पड़ रही मार 

    यही स्थिति रबी के गेहूं व चना फसल की बनी हुई है़  बदरीले मौसम का असर इन दोनों फसलों पर देखने मिल रहा है़  चना फसल पर मौसमी बीमारी व मर रोग का आक्रमण दिखाई दे रहा है. गेहूं की फसल निकल आयी है़  परंतु मौसम की मार फसल पर पड़ रही है. इससे गेहूं व चने के उत्पादन में कमी की आशंका अभी से जताई जा रही है़  खरीफ के बाद अब रबी की फसल संकट में होने से किसान पूर्णत: आर्थिक संकट में आ गया है.