Construct drains with road dividers, villagers of Navegaon and Murkhala demand

    आसेगांव. वर्ष 2021 की अब से 15 दिनों के बाद समाप्ति होने वाली है. इस संपूर्ण वर्ष में जितनी आशाएं सामान्य जनों को थी. उसमें से अधिकत्तम कार्य अधुरे रहने से बीतने वाला यह वर्ष भी निराशाओं में तब्दील होने वाला वर्ष बनने वाला है. 

    बीतने जा रहे वर्ष 2021 में किसानों को फसलों की अच्छी उपज के साथ ही अच्छे दामों की आस थी. किंतु जिस तरह से फसल उपज में गिरावट देखने को मिली और जिस तरह से दामों में समानता देखने को मिल रही है. उससे किसानों में निराशा ही निराशा है. इस के अलावा गरीब वर्ग के लोग जो टुटे और कच्चे मकानों में रहकर अपने परिवार का जीवनयापन करते है.

    ऐसे गरीब तबके के लोगों को वर्ष 2020 में यह आशा थी कि 2021 में उन्हें शासकीय योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों का लाभ मिलेंगा और उन्हें पक्के मकानों में रहने का सुख प्राप्त होंगा किंतु बीतने वाले पुरे वर्ष में किसी तरह से ग्रामीण इलाकों में उक्त योजना के तहत आवास नहीं बन पाने का आरोप है. इस के अलावा वर्ष 2020 की तुलना में महंगाई ने 2021 में गरीबों और सामान्यजनों का जीना भी मुहाल कर दिया. जैसी खाद्य तेल की कीमत गत वर्ष 120 रुपए किलो की थी.

    जो इस बीतने वाले वर्ष के छठे और सातवें माह में 160 से 170 रुपए तक पहुंच गई थी. और अब तेल की कीमत चिल्लर बिक्री के अनुसार 140 रुपए प्रति किलो है. वहीं पेट्रोल डीजल के दामों में 20 से 30 रुपए की बढ़ोत्तरी होने से हर सामग्री के दामों में भारी और बड़ा इजाफा महंगाई के रूप में देखने को मिला. 

    उज्वला योजना के तहत जिस गरीब तबके को केंद्र सरकार द्वारा बेहद कम दाम और नि:शुल्क स्वरूप गैस कनेक्शन देकर घर घर गैस पहुंचाया गया. अब उसी गैस की कीमत में बेताहाशा बढोत्तरी होने से अनेकों गरीब घरों में फिर से चुल्हे जलते दिखाई देने लगे है. इतना ही नही रसोई गैस खरीददारी पर जो सब्सिडी ग्राहकों को दी जाती थी. अब उक्त सब्सिडी पूरी तरह से बंद हो गई है. ऐसी अनेकों समस्याए है, जिसकी उम्मीद आशा के रूप में जनता ने सरकार से लगाई थी.

    उन सारी आशाएं निराशाओं में ही इस बीतने वाले वर्ष में रही है. आने वाला नव वर्ष सभी के लिए सुख समृद्धि वाला रहे और महंगाई की काली छाया दूर हो जाए गरीबों को पक्के मकानो में रहने का अवसर मिले. फसलों की उपज अच्छी रहने के साथ ही उपज दामों में बढोत्तरी होने से किसानों की आर्थिक खराब स्थिति दूर हो जाए इस तरह की अपेक्षा सभी को आने वाले नव वर्ष से है.