भाजपा ओबीसी मोर्चा ने दी जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक

    • आघाडी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर किया विरोध प्रदर्शन

    यवतमाल. राज्य में महाविकास आघाडी सरेार ने ओबीसी आरक्षण पर निकलो अध्यादेश को 6 दिसंबर को सुप्रिम कोर्ट ने अंतरीम स्थगिती दी है, जिससे स्थानिय स्वराज संस्थाओं के तहत जिले में नगरपंचायत चुनावों में ओबीसी वर्ग को 27 फिसदी राजनितीक आरक्षण नही मिलेंगा, जिससे ओबीसी आरक्षण के बिना स्थानिय स्वराज संसथाओं का चुनाव ना लेते हुए इस वर्ग को जब तक राजनितीक आरक्षण नही मिलता तब तक चुनाव आगे ढकेलने की मांग भाजपा और इसके ओबीसी मोर्चा ने की है.

    आज 7 दिसंबर को यवतमाल जिलाधिकारी कार्यालय पर भाजपा और ओबीसी मोर्चा की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला गया.जहां पर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन किया गया.विधायक मदन येरावार, भाजपा जिलाध्यक्ष नितीन भुतडा के मार्गदर्शन में तथा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुनिल समदूरकर, विदर्भ संयोजक अमोल ढोणे,मनोज इंगोले, प्रशांत यादव, राजु पडगिलवार,माया शेरे, आकाश धुरत, रेखा कोठेकर, के नेतृत्व में यह आंदोलन हुआ.

    इस समय ओबीसी विरोधी नितीयों और राज्य की महाविकास आघाडी सरकार के नकारेपन के कारण ओबीसी समुदाय पर यह नौबत आने का आरोप भाजपा और ओबीसी मोर्चा ने लगाया, इस समय राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी. इस समय जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया.

    जिसमें ओबीसी के 27 फिसदी राजनितीक आरक्षण तय होने तक स्थानिय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव आगे बढाने की मांग की गयी.इस आंदोलन में भाजपा महिला शहर अध्यक्ष उषा खटे,मोहन देशमुख,अजय बिहाडे,सुषमा राऊत,सोमेश चौधरी,अजय खोंड,राहुल गहुकर,लता ठोंबरे, भारती जाठे, विलास गायधने,देवा राऊत,शाम सोलंकी,अमोल मेहेत्रे,रेखा नंदूरकर,मंदा नन्नावरे,परसोडकर,माधुरी धायरा,समेत अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल हुए.