जिलाधिकारी ने लिया राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के कार्यों का जायजा, कोविड टीकाकरण पर नजरअंदाज ना करें

    • ग्रामीण इलाकों में गर्भवती महिलाओं की नियमित सोनोग्राफी करें

    यवतमाल. कोविड टीकाकरण में सभी तहसीलों ने पहले व दूसरे डोज का अंतर भरकर निकालते हुए  पहले डोज इतना ही दूसरे डोज का काम पूरा करना चाहिए. किसी भी हालात में कोविड टीकाकरण पर नजरअंदाज ना करते हुए अप्रैल माह के अंत तक दूसरा डोज  80 फीसदी तक पूरा किया जाए. इसके अलावा 12 से 14 व 15 से 17 आयु समूह के लिए पहले डोज का काम बढ़ाने के निर्देश जिलाधिकारी अमोल येडगे ने दिए.

    जिला एकात्मिक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण सोसायटी के नियामक समिति की सभा में जिलाधिकारी येडगे ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के विविध कार्यों का ब्यौरा लिया. इस अवसर पर  जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, जिला शल्य चिकित्सक डॉ.राजकुमार राठोड, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. एस. चव्हाण मौजूद थे.

    जिलाधिकारी ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम व अन्य योजना अंतर्गत गर्भवती माताओं का शत प्रतिशत पंजीयन करने, अस्पताल में गर्भवती माताओं व एक वर्ष से कम बीमार बच्चों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी करने व उनके यातायात सेवा उपलब्ध कराकर देने, स्थलांतरित गर्भवती महिलाओं को शासकीय योजना का लाभ देने के निर्देश दिए.

    हाई रिस्क प्रेग्नेंसी रहने वाली माताओं की बार बार जांच कर विविध विकार होने पर विशेष निगरानी रखी जाए और इस दौरान बच्चे की योग्य वृद्धी हो रही है या नहीं या फिर उसमें कोई कमजोरी है, इस पर ध्यान दिया जाए. जिलाधिकारी ने ग्रामीण इलाकों के शासकीय अस्पतालों में प्रसूति की संख्या के बारे में पूछताछ की. उन्होंने निजी अस्पताल से ज्यादा सरकारी अस्पताल में शिशुओं के जन्म संख्या बढ़ाने व ग्रामीण अस्पतालों में बच्चों के कक्ष में आने वाली दिक्कतों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए.

    पुसद, उमरखेड और घाटंजी इन तीन तहसीलों में गर्भवती माताओं की सोनोग्राफी नियमित की जाती है क्या और कोई दिक्कत है क्या इस बारे में भी जिलाधिकारी ने जानकारी प्राप्त की. समीक्षा बैठक में वैद्यकीय अधिकारी डॉ.संजय कुमार पांचाल, डॉ.तनवीर शेख, डॉ .निलेश लिचडे, जिला क्षयरोग अधिकारी सुभाष ढोले के अलावा तहसील के स्वास्थ्य अधिकारी व वैद्यकीय अधीक्षक, स्वास्थ्य समन्वयक मौजूद थे.