ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- प्रदेश के सभी 75 जिलों में 33.50 लाख करोड़ का निवेश

    Loading

    लखनऊ : उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 (Global Investors Summit 2023) के समापन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) का स्वागत करने के साथ देश-दुनिया से आए निवेशिकों, औद्योगिक घरानों के प्रमुखों प्रतिनिधियों, विदेशों से आए राजनयिकों समेत समिति के सभी भागीदारों के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने सबको विश्वास दिलाया कि उत्तर प्रदेश निवेश का सुरक्षित गंतव्य होगा। उत्तर प्रदेश में आया और आने वाला निवेश प्रदेश के विकास में सहायक तो होगा ही, स्वयं निवेशकों (Investors) के लिए भी काफी फलदायी होगा। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन तक चले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि निवेश के इस वैश्विक महाकुंभ में 33.50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था। इस निवेश से 93 लाख नौकरी और रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि पहले निवेश का मतलब सिर्फ एनसीआर में निवेश होता था। समिट में प्रदेश के सभी 75 जनपदों के लिए निवेश मिले हैं। कमजोर समझे जाने वाले पूर्वांचल और बुंदेलखंड में भी भारी निवेश आया है। 9.54 लाख करोड़ और बुंदेलखंड में 4.28 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मंत्री समूह और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर टीम भावना से सभी निवेश प्रस्तावों को व्यवस्थित तरीके से धरातल पर उतारेंगे। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफार्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मूल मंत्र पर काम किया। पारदर्शी नीतियों और तकनीकी को अपनाकर निवेश के चार स्तम्भों पर काम किया। एमओयू से लेकर निवेश को धरातल पर उतारने तक के चरणों में उद्यमियों की सहायता के लिए निवेश सारथी, निवेश मित्र, मुख्यमंत्री उद्यमी मित्र और इंसेंटिव मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे पारदर्शी सिंगल विंडो सिस्टम बनाए गए। इन सबके साथ हर निवेशक प्रदेश के कानून व्यवस्था से प्रभावित होकर निवेश के लिए आकर्षित हुआ। 

    सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का प्रदेश बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है

    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में असीम संभावनाएं हैं प्रधानमंत्री की अनुकंपा से औद्योगिक निवेश को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि नए भारत के विकसित उत्तर प्रदेश और देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का प्रदेश बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के किसी भी राज्य की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का प्रदेश मनाया जाएगा।

    विगत नौ वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश महाकुंभ को 10 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नई ऊंचाई प्रदान की। विगत नौ वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। इस बढ़े सम्मान का लाभ ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश को भी मिला है। वैश्विक समुदाय निवेश के सबसे अच्छे गंतव्य उत्तर प्रदेश के प्रति आकर्षित हुआ है। 

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीनकाल से ही आध्यात्मिक, सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। विश्व की सबसे प्राचीन नगरी, काशी का बाबा विश्वनाथ धाम पूरी दुनिया को आकर्षित करता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या हो या कान्हा मथुरा वृंदावन यूपी में है। गंगा, जमुना और सरस्वती की त्रिवेणी, कुंभ की धरती प्रयागराज भी यही है। भगवान बुद्ध की साधना स्थली, बाल्यकाल का क्षेत्र, प्रथम उपदेश की प्रथम भूमि और महापरिनिर्वाण स्थली भी यूपी के सौभाग्य में शामिल है। या विद्या की धरती है तो विशिष्ट पहचान रखने वाले परंपरागत उद्यम के आकर्षण की भी धरती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पाद, परंपरागत उद्यम को ओडीओपी से जोड़कर इन उद्यमों के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई गई है। 

    सबसे बड़ी युवा शक्ति उत्तर प्रदेश में ही है

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि है। दुनिया के किसी भी राज्य की सबसे बड़ी आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है। सबसे बड़ी युवा शक्ति उत्तर प्रदेश में ही है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व तक उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य जाना जाता था। अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से उत्तर प्रदेश के नागरिकों ने बीमारू राज्य के दंश को मिटाने का संकल्प लिया। 25 सेक्टर चिह्नित कर पारदर्शी नीतियां बनाई और आज उसका परिणाम है कि वैश्विक निवेशक समुदाय यहां निवेश करने को तत्पर है। 

    सीएम योगी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मार्गदर्शन देने और सहभागी बनने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के साथ ही केंद्रीय मंत्रीगण राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, अश्वनी वैष्णव, राजीव चंद्रशेखर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सभी 10 साझीदार देशों, डेनमार्क, यूएई, यूके के मंत्रियों, 9 देशों के उच्चायुक्त, देश के सभी प्रमुख उद्योगपतियों, 40 देशों के डेलीगेट समेत सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।