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    लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा (Uttar Pradesh Vidhansabha) के बजट सत्र (budget session) की सोमवार को हंगामेदार शुरुआत हुई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel) ने विपक्ष की नारेबाजी और शोरगुल के बीच अभिभाषण पढ़ा। इस बीच विपक्ष ने “राज्यपाल गो बैक” के नारे लगाए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा पूर्वाह्न 11 बजे विधानमंडल के संयुक्त सदन में अभिभाषण शुरू करने से पहले ही समाजवादी पार्टी  समेत विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सदस्य ‘राज्यपाल वापस जाओ’ और ‘तानाशाही की यह सरकार नहीं चलेगी, नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। 

    इसी शोरगुल और हंगामे के बीच राज्यपाल ने अभिभाषण जारी रखा। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दौरान पिछले दिनों लखनऊ में हुई ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ तथा राज्य सरकार की अन्य विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र किया जिसका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (ogi Adityanath) समेत सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपा कर स्वागत किया। उत्तर प्रदेश विधानसभा का वर्ष 2023 का यह पहला सत्र है। सत्र आगामी 10 मार्च तक संचालित किए जाने का कार्यक्रम है। सरकार वित्तीय वर्ष 2023 24 का बजट आगामी 22 फरवरी को विधानसभा में पेश करेगी। 

    इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले लखनऊ में राज्य विधानसभा के बाहर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये सरकार वो झूठी सरकार है जिसने कहा कि एक लाख करोड़ रुपए मंडी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए देंगे,आप बताइए उत्तर प्रदेश में इन्होंने एक भी मंडी बनाई? दोनों सरकारों ने मिलकर हमारे गांव, गरीबों को लूटा है और बेरोजगारी चरम सीमा पर है। कानून व्यवस्था भी ध्वस्त है। 

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी सत्र की कार्यवाही 20 फरवरी से लेकर 10 मार्च तक निर्धारित की गई है। अगर कोई तीथि महत्वपूर्ण लगती है तो हम शनिवार को भी चर्चा करने के बारे में सोचेंगे। हम इसे एक अच्छी बहस का मंच बनाए। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के लिए 22 फरवरी को सदन में बजट प्रस्तुत होगा। बजट पर दोनों सदनों में चर्चा होने के बाद इसे पारित किया जाएगा।