Fire at Sonale Training Center, 74 students evacuated from building

    भिवंडी. मुंबई-नासिक महामार्ग (Mumbai-Nashik Highway) के अंतर्गत सोनाले ग्राम पंचायत (Sonale Gram Panchayat) हद्द में रम लॉजिस्टिक कांप्लेक्स स्थित कौशल्य विकास योजना अंतर्गत संचालित दीनदयाल वस्तीगृह में अचानक आग (Fire) लग गई। आग लगते ही वस्तीगृह में ट्रेनिंगरत 74 छात्र-छात्राएं धुएं के गुबार से बचने के लिए जान बचाकर टेरिस पर चढ़ गए। सूचना के उपरांत पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के उपरांत टेरिस पर मौजूद सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद आग बुझाई। आग में प्रशिक्षण के लिए उपयोग होने वाली तमाम सामग्री सहित मशीनें आग की चपेट में आकर जल गई हैं। आग की घटना में कोई अनहोनी न होने से शासन सहित क्षेत्रीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।

     मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई-नासिक महामार्ग  सोनाले ग्रामपंचायत हद्द रम लॉजिस्टिक कांप्लेक्स स्थित कौशल्य विकास योजना अंतर्गत संचालित दीनदयाल  वस्तीगृह में अचानक आग लग गई। आग लगने के दौरान 74 प्रक्षिणार्थी जिसमे 30 लड़कियां शेष लड़के वस्तीगृह में ट्रेनिंग ले रहे थे। आग की लपटें उठती देखकर दूसरी मंजिल पर ट्रेनिंगरत तमाम प्रशिक्षार्थी बचाव के लिए टेरिस पर चढ़ गए जिससे बड़ी दुर्घटना होने से टल गई। आग की चपेट में आकर प्रशिक्षण की समस्त साधन सामग्री, मशीनें आग में जल गई हैं। अग्निकांड घटना की सूचना मिलते ही भिवंडी, कल्याण से पहुंची 2 दमकल गाड़ियों के फायरकर्मियों ने पहले टेरिस पर मौजूद 74 छात्र-छात्राओं को इमारत से सीढ़ियों द्वारा सुरक्षित नीचे उतारा तदुपरांत कड़ी मेहनत से आग बुझाए जाने में कामयाबी हासिल की।वस्तीगृह में रहने वाले सभी प्रशिक्षार्थियों के खानपान, निवास की व्यवस्था महामार्ग स्थित प्रेसीडेंसी इंग्लिस विद्यालय में की गई है।

    वस्तीगृह की सुरक्षा पर उठे सवाल 

    स्थानीय जागरूक निवासियों का आरोप है कि सोनाले ग्राम पंचायत हद्द रम लॉजिस्टिक कॉम्प्लेक्स की इमारत में ईडीयु लाईट संस्था द्वारा शासकीय दिशा-निर्देशों सहित सुरक्षा मानकों का उलंघन कर दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य केंद्र चलाया जा रहा है। सूत्रों की माने तो ईडीयू लाइट संस्था द्वारा प्रशिक्षण केंद्र बगैर फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए ही चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्र में सुरक्षा मानकों को दरकिनार किया जाना शासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। शासन को उक्त अग्निकांड की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए व बगैर शासन नियमों का अनुपालन किए चलाए जा रहे प्रशिक्षण केंद्र पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।