जून में केसरी राशन कार्ड धारकों को मिलेगा 8 रुपए किलो गेहूं और 12 रुपए किलो चावल

    ठाणे. ठाणे सरकारी खाद्य वितरण क्षेत्र में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को शामिल न किए जाने से एपीएल (APL) (केसरी) राशनकार्ड (Ration Card)धारकों को जून महीने में रियायती दरों पर खाद्य मुहैया कराया जाने वाला है। इस प्रकार इस योजना का जिले के करीब 12 लाख 57 हजार 600 लोगों को इसका लाभ मिलने वाला है। उक्त जानकारी जिला शहरी आपूर्ति अधिकारी नरेश वंजारी (Naresh Vanjari) ने दी। 

    प्रदेश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केसरी राशन कार्ड धारकों को मई 2020 से अगस्त 2020 इन चार महीनों में 8 रुपए प्रति किलो गेहूं और 12 रुपए के रियायती दर से चावल दिया गया। खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस दौरान प्रति माह प्रति व्यक्ति तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल सहित पांच किलो खाद्यान्न राशन विभाग द्वारा मुहैया कराया गया है। इस योजना के तहत सरकारी राशन की दुकानों में शेष खाद्यान्न का वितरण केसरी राशन कार्ड धारकों को जून 2021 के लिए प्रतिमाह प्रति व्यक्ति एक किलो गेहूं और एक किलो चावल सहित कुल दो किलो खाद्यान्न मुहैया कराया जाएगा। 

    पहले आओ पहले पाओ की नीति अपनाई जाएगी

    बताया गया है कि 8 रुपए प्रति किलो गेहूं और 12 रुपए प्रति किलो चावल दिया जाएगा। ऐसे ही राशन कार्ड धारकों को रियायती दर पर खाद्यान्न वितरित किया जाएगा जो पहले मांग करेंगे। इस योजना के तहत पहले आओ पहले पाओ की नीति अपनाई जाएगी। खाद्यान्न का वितरण उसी राशन की दुकान से किया जाएगा, जिसमें योजना का खाद्यान्न उपलब्ध है। 

    कोरोना नियमों का करें पालन

    मुंबई खाद्यान्न विभाग के नियंत्रक और नागरी आपूर्ति निदेशक कैलास पगारे ने केसरी राशन कार्ड धारकों से आग्रह है कि वे सरकारी राशन की दुकान पर भीड़ भाड़ न करें। साथ ही दुकानों पर पहुंचने वाले कार्डधारक सामाजिक दूरी बनाए रखें और मास्क का उपयोग करते हुए रियायती दर पर खाद्यान्न प्राप्त करें। वहीँ इस संदर्भ में ठाणे जिला शहरी आपूर्ति अधिकारी नरेश वंजारी ने बताया कि इस योजना के लिए करीब 1378 क्विंटल चावल और गेहूं 3148 क्विंटल को जरूरत होगी। 

    जिले के साढ़े 12 लाख लाभार्थियों को मिलेगा लाभ 

    जिले के शहरी इलाकों में जहां साढ़े सात लाख अन्न धान्य के लाभार्थी है तो वहीँ जिले के अन्य क्षेत्र जैसे मुरबाड़, शहापुर, भिवंडी, कल्याण और अंबरनाथ इन पांच तहसीलों के करीब 5 लाख ग्रामीण व आदिवासी जनता इस अनाज के लाभार्थी है। इस प्रकार जिले में तकरीबन साढ़े 12 लाख लाभार्थियों को इसका लाभ मिलने वाला है। अर्थात जिले में कुल कार्ड धारकों की संख्या 12 लाख 57 हजार 600 है। जिसमें शहरी इलाके में रहने वाले कार्ड धारकों की संख्या 7 लाख 57 हजार 600, प्राधान्य क्रमांक के लाभार्थियों की संख्या 6 लाख 08 401 और अंत्योदय योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 13 हजार 130 है।