भिवंडी मनपा की आर्थिक बदहाली से रुका शहर का विकास

मनपा प्रशासन पर कार्यों को नजरअंदाज का आरोप

भिवंडी. भिवंडी मनपा की आर्थिक बदहाली का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है. भिवंडी मनपा प्रशासन द्वारा आर्थिक बदहाली का हवाला देकर जरूरी विकास कार्यों में भी लेटलतीफी की जा रही है. जनप्रतिनिधियों के बारंबार अनुरोध के बावजूद मनपा प्रशासन विकास कार्यों को कोई तरजीह नहीं दे रहा है. मनपा की आर्थिक बदहाली का आलम यह है कि वैश्विक महामारी कोरोना संकट काल के दौरान कोविड सेंटर, मरीजों के उपचार संबंधी जरूरी कार्यों को अंजाम देने वाले ठेकेदारों का भुगतान भी मनपा करने में लाचार हो गई है. ठेकेदार अपना बकाया बिल पाने के लिए सुबह-शाम तक मनपा मुख्यालय में मुंह लटकाए हुए इधर-उधर भटकते दिखाई देते हैं. मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली की वजह से मनपा जनप्रतिनिधियों में भी आक्रोश व्याप्त है.

गौरतलब हो कि भिवंडी मनपा की आर्थिक बदहाली की वजह से मनपा प्रशासन विकास कार्य किए जाने में दुश्वारियां झेल रहा है. विकास कार्यों के ठप होने से मनपा जनप्रतिनिधि वोटरों की गाली सुनने की मजबूरी झेल रहे हैं. कई मनपा जनप्रतिनिधियों ने मनपा प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मनपा प्रशासन सदैव आर्थिक बदहाली का रोना रोता रहता है. शहर के नागरिक जो टैक्स चुकाते हैं वह शहर का विकास एवं मूलभूत समस्याओं का समाधान चाहते हैं. बावजूद मनपा प्रशासन शहरवासियों को विकास के नाम पर ठेंगा दिखाता रहा है. मनपा प्रशासन द्वारा बेहद जरूरी विकास कार्यों को भी धनाभाव का हवाला देकर रोक दिए गए हैं.

जनसमस्याएं भी लटकी

जन समस्याओं का निस्तारण नहीं किए जाने से शहरवासी भी मनपा प्रशासन से काफी नाराज हैं. सूत्रों की मानें तो गोपाल नगर में प्रमुख मार्ग पर भारी जल जमाव से निजात हेतु मनपा द्वारा नाला निर्माण हेतु 4 माह पूर्व टेंडर निकाला गया बावजूद मनपा आयुक्त डा. पंकज आशिया ने उक्त टेंडर को कैंसिल कर महा टेंडर की प्रक्रिया में डाले जाने को कहा है जिससे नाला निर्माण कार्य अधर में लटक चुका है. शहर के तमाम सार्वजनिक शौचालयों सहित सड़कों की दशा बेहद खराब है जिसे मरम्मत किए जाने हेतु मनपा आयुक्त ने अधिकारियों संग विजिट भी किया बावजूद मरम्मत कार्य अभी तक नहीं शुरू हुआ है, जिससे लोग परेशानी झेल रहे हैं. शहर के तमाम मार्गों पर करीब 5500 चेंबरों के ढक्कन नदारद हैं. सैकड़ो लोग खुले चेंबर में गिर कर हाथ पांव तोड़कर उपचार की मजबूरी झेल रहे हैं.

ठेकेदार भुगतान न होने से परेशान

वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल के दौरान जिन ठेकेदारों ने कोविड सेंटर, उपचार सामग्री सहित तमाम जरूरी संसाधन मुहैया कराए ऐसे तमाम भुगतान मनपा प्रशासन द्वारा थर्ड पार्टी जांच का हवाला देकर रोक दिया है. मनपा आयुक्त डॉ. पंकज आशिया ने थर्ड पार्टी जांच सरदार बल्लभ भाई पटेल कॉलेज से कराए जाने का आदेश दिया है, लेकिन मुंबई में कोरोना प्रसार होने से कोई भी ऑडिटर, अधिकारी भिवंडी नवंबर- दिसंबर के बाद ही आने की संभावना है. कई ठेकेदारों ने नाम ने छापे जाने की शर्त पर बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में शहरवासियों को जरूरी उपचार सुविधा मुहैया कराने हेतु मनपा प्रशासन की निगरानी में कार्य किया गया बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है.एक ठेकेदार ने रोते हुए बताया कि कोविड सेंटर निर्माण कार्य किए जाने हेतु कई जगहों से ब्याज पर पैसा सहित बीबी के जेवरात तक गिरवी रखे हैं.तत्कालीन मनपा आयुक्त प्रवीण आष्टीकर की मंजूरी से किये गए तमाम जरूरी कार्यों का भुगतान भी मनपा प्रशासन नें अटका रखा है.