Mahant Paramhans Das of Ayodhya Cantonment is on hunger strike to declare India as a Hindu nation.

-राजेश मिश्र

अयोध्या. राम मंदिर निर्माण को लेकर आमरण अनशन कर चुके राम नगरी अयोध्या के तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास सोमवार की सुबह 5 बजे से एकबार फिर से आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. महंत इसके पहले भी राम जन्मभूमि के लिए कई दिनों तक आमरण अनशन कर चुके हैं. महंत परमहंस दास फिलहाल भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने को लेकर अनशन पर हैं. उनकी मांग है कि मुस्लिमों की नागरिकता को खत्म करते हुए उनको पाकिस्तान-बांग्लादेश भेजा जाय और पाकिस्तान-बांग्लादेश के हिंदुओं को भारत वापस लाया जाय. परमहंस दास का कहना है कि भारत में हिंदुओं की संख्या किसी अन्य धर्म के लोगों से ज्यादा है इसलिए भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए.

अनशन पर बैठे परमहंस दास ने मुस्लिमों की नागरिकता समाप्त करने की बात कही और पीएम मोदी पर जताया भरोसा

परमहंस दास का कहना है कि मुस्लिमों की नागरिकता भी समाप्त होनी चाहिए. उन्होंने यह आशा भी व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370,35a को  हटा दिया और ट्रिपल तलाक को खत्म किया तो देश हित में वह कुछ भी कर सकते हैं. महंत को आशा है कि जल्द ही भारत को उनके द्वारा एक हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जब देश का बंटवारा हुआ तो सर्वाधिक आबादी के आधार पर पाकिस्तान मुस्लिम राष्ट्र घोषित किया गया था लेकिन भारत आज भी हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं हो पाया है. संत परमहंस दास ने मुस्लिमों पर हमला बोलते हुए कहा कि जहां पर भी मुस्लिम आबादी ज्यादा है वहां पर हिंदुओं का उत्पीड़न हो रहा है. उन्होंने ने कहा कि हिंदू और हिंदुस्तान को बचाने के लिए एक  मात्र उपाय है कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए. उनका कहना है कि वह मांग पूरी न होने तक अन्न, जल का त्याग कर यूं ही आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे. महंत के आमरण अनशन को लेकर जिला प्रशासन एकदम सतर्क हो गया है और जिला प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दिया है.

अयोध्या के तपस्वी छावनी के महंत है परमहंस दास, इसके पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर कर चुके हैं अनशन

अल्पसंख्यकों पर अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले परमहंस दास अयोध्या के तपस्वी छावनी के महंत हैं. अक्टूबर 2018 में संत परमहंस ने राम जन्मभूमि के लिए कई दिनों तक आमरण अनशन किया था. 1 अक्टूबर 2018 को वह अन्न जल त्याग कर धरने पर बैठे थे. राम मंदिर के लिए अनशन के दौरान उन्हें समझाने के लिए प्रदेश सरकार के कई मंत्री अयोध्या गए थे. बाद में उनकी हालत खराब होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका अनशन तुड़वाया था. राममंदिर निर्माण को लेकर आमरण अनशन का एलान करके महंत ने सरकार व प्रशासन की नींद उड़ा दिया था. हलकान प्रशासन ने उनको मनाने की और अनशन खत्म कराने की काफी कोशिश करता रहा लेकिन बात नहीं बनी. तत्कालीन फैजाबाद के प्रभारी मंत्री सतीश महाना भी जब उन्हें मनाने में असफल रहे तो उनके जाने के बाद परमहंस को पुलिस ने जबरन धरना स्थल से बीमारी का बहाना देकर उठा लिया था और पीजीआई में भर्ती कराया था. जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें अपने आवास पर बुलाकर जूस पिलाते हुए अनशन खत्म कराया था.

बाबर विचारधारा विध्वंस महायज्ञ का कर चुके हैं ऐलान, चिता बनाकर आत्मदाह करने की भी कर चुके हैं घोषणा  

इसके बाद परमहंस दास ने तपस्वी छावनी मंदिर पर बाबर विचारधारा विध्वंस महायज्ञ का ऐलान किया था. 6 दिसंबर को दोपहर 12 बजे अपनी चिता बनाकर आत्मदाह करने के निर्णय पर वह अटल थे. राम मंदिर निर्माण की मांग पर कोई निर्णय नहीं होने से नाराज महंत परमहंस दास ने आत्मदाह करने की घोषणा की थी. लेकिन इससे दो दिन पहले ही परमहंस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. उन्हें सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीजेएम ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था.