बढ़े दामों से परेशान योगी सरकार, अब खुद बेचेगी आलू, प्याज और दाल

लखनऊ: आलू, प्याज और दाल के बढ़े दामों से आम जनता को राहत देने के लिए अब योगी सरकार खुद मैदान में उतरी है. प्रदेश सरकार ने आम जनता को इन वस्तुओं को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने का फैसला किया है.

मोबाइल वैन के जरिए सस्ती दरों पर बेकिगी आलू और प्याज, बाजार भाव से 25 फीसदी कम होगी कीमत

प्रदेश सरकार शनिवार से मोबाइल वैन के जरिए जनता को सस्ती दरों पर आलू और प्याज बेचेगी. सरकार का इरादा सस्ते दामों पर जनता के लिए दाल उपलब्ध कराने का भी है. आलू, प्याज और दाल सरकार बाजार भाव से 25 फीसदी कम कीमतों पर उपलब्ध कराएगी. प्रदेश सरकार ने इसकी ज़िम्मेदारी उद्यान विभाग व उ‌त्तर प्रदेश सहकारी कृषि एंव औद्यानिक विपणन संघ (हॉफेड) को सौंपी है.

फिलहाल बिक्री की शुरुआत लखनऊ से, जल्दी ही प्रदेश के अन्य शहरों में होगी शुरु

हाफेड के प्रबंध निदेशक आर.के. तोमर ने बताया कि अभी बिक्री की शुरुआत लखनऊ से की जा रही है जबकि जल्दी ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी बिक्री शुरु होगी. उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने के लिए थोक दामों पर खरीद कर आलू प्याज बेंचा जाएगा और केवल प्रशासनिक शुल्क एक या दो रुपये अधिक लिया जाएगा.

आलू 36 व प्याज 55 रुपये प्रति किलो तक की हो सकती है बिक्री

थाली की जरूरी चीजों के दामों में तेजी को देखते हुए उत्तर प्रदेश अब मोबाइल वैन के जरिये दालों के साथ साथ  आलू और प्याज भी सस्ते दामों पर बेचने जा रही है. शुक्रवार से प्रदेश के पांच शहरों में इसकी शुरुआत की गयी है. वैन से आलू 36 व प्याज 55 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा सकता है. आलू व प्याज की आसमान छूती कीमतों पर काबू पाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि व विपणन कार्य से जुड़ी संस्थाओं व विभागों को समस्या के समाधान करने के निर्देश पहले ही दिए हैं.

मोबाईल वैन से आलू-प्याज के साथ दाल भी बेचने की भी है योजना

प्रबंध निदेशक डॉ. आर.के. तोमर ने बताया कि वैन से आलू-प्याज के साथ दाल भी बेचने की योजना है. शासन से मंडी परिषद के द्वारा इस योजना के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराए जाने का आग्रह किया गया है. लखनऊ के बाद इस योजना को अन्य जिलों में भी संचालित किया जाएगा.

पीसीएफ व पीसीयू के जरिये दलहन की बिक्री होगी शुरू, दोनों संस्थाओं मिले 12.5-12.5 करोड़ रुपये 

राज्य मंडी परिषद ने भी प्रयागराज, झांसी, आगरा, गोरखपुर व मथुरा के व्यापारी संघों व आढ़तियों के सहयोग से सस्ते दामों पर आलू व प्याज बेचने की व्यवस्था बनानी शुरु कर दी है. इसके अलावा सहकारी संस्थाओं पीसीएफ व पीसीयू के जरिये दलहन की बिक्री शुरू की जा रही है. दोनों संस्थाओं को इस कार्य के लिए 12.5-12.5 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं.

कोल्डस्टोरों से आलू बाहर निकालने के निर्देश, किसान संगठनों का विरोध

गौरतलब है कि, देश भर की तरह उत्तर प्रदेश में भी इन खाद्य उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं. प्याज और दाल की जहां आवक में खासी कमी आयी है वहीं आलू कोल्डस्टोरों में जमा होने के बाद भी तेजी पकड़ रहा है. प्रदेश सरकार ने कोल्डस्टोरों में जमा आलू बाहर निकालने के निर्देश दिए हैं जिसका किसान संगठन विरोध कर रहे हैं. उद्यान निदेशालय के मुताबिक, अभी कोल्ड स्टोरेज में 30.56 लाख टन आलू है. इसमें से 8 लाख टन आलू ही बीज के रूप में इस्तेमाल होगा, क्योंकि ज्यादातर बोआई हो चुकी है. यानी कोल्ड स्टोरेज में खाने के लिए अब भी करीब 22 लाख टन आलू उपलब्ध है.

जनवरी-फरवरी तक आलू दामों में बनी रहेगी तेजी 

सब्जी आढ़तियों का कहना है कि कई प्रदेशों में भारी बारिश के चलते प्याज की फसल बर्बाद हो गयी है जिसकी वजह से दाम में कमी नहीं आ रही है. वहीं आलू को लेकर थोक व्यापारियों का आकलन है कि कम से कम जनवरी-फरवरी तक इसके दामों में तेजी बनी रहेगी. प्रदेश में आलू की सबसे बड़ी मंडी हाथरस-अलीगढ़ में भी आलू के हाजिर और वायदा कारोबार के दामों को देख कर लगता है कि अभी महँगाई बनी रहेगी. उत्तर प्रदेश में पुराने आलू के खुदरा दाम 45-50 रुपये किलो और कर्नाटक से आ रहे नए आलू के दाम 60 रुपये किलो चल रहे हैं.

– राजेश मिश्र