Oxygen Audit

    वर्धा. नाशिक जिले में आक्सीजन रिसाव की घटना से सबक लेते हुए जिलाधिकारी प्रेरणा देशभ्रतार ने प्रत्येक कोरोना अस्पताल में इंजीनियरिंग कालेज के तज्ञों की नियुक्ति की थी़ जिले के लिए यह निर्णय फायदेमंद साबित हुआ है़ भविष्य में दुर्घटना रोकने के लिए जिले में तकरीबन प्रतिदिन 5 मीट्रिक टन आक्सीजन की बचत होकर रिसाव को रोका जा रहा है़ जिले में कोरोना बाधित मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है़ ऐसे में मरीजों पर इलाज के लिए आक्सीजन लग रहा है.

    ऐसे में आक्सीजन का रिसाव होकर दुर्घटना न हो इसके लिए जिले के सभी कोरोना अस्पताल तथा जिला कोरोना स्वास्थ्य केंद्र स्थित आक्सीजन टैंक तथा पाइपलाइन की जांच करने के निर्देश जिलाधिकारी ने 23 अप्रैल को दिए थे. उक्त टीम द्वारा जिले के सभी कोरोना अस्पतालों में जाकर आक्सीजन टैंक, पाइपलाइन तथा सिलेंडर टैंक के गोडाउन में जाकर निरीक्षण किया जा रहा है़ रिसाव होते दिखाई देने पर तत्काल उपाय योजना की जा रही है. प्रतिदिन जांच होने के कारण गैस का रिसाव रोका जा रहा है.

    इस प्रकार हो रही बचत

    23 अप्रैल को जिले में 600 आक्सीजन बेड के लिए 16 से 17 मीट्रिक टन प्रतिदिन आक्सीजन की मांग की थी़ मंगलवार से 16 से 17 मीट्रिक टन आक्सीजन में 750 से 800 आक्सीजन का उपयोग बेड के मरीजों पर इलाज के लिए हो रहा है़ आक्सीजन रिसाव जांच व आडिट के कारण 5 मीट्रिक टन आक्सीजन की प्रतिदिन बचत हुई है.

    6 कालेजों को सौंपी जिम्मेदारी

    आक्सीजन रिसाव रोकने के लिए जिलाधिकारी की ओर से आचार्य श्रीमन्नारायण तंत्रनिकेतन पिपरी(मेघे), बजाज इन्स्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी वर्धा, अग्निहोत्री कालेज, बापूराव देशमुख इंजी. कालेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था हिंगनघाट तथा आर्वी के तज्ञ व्यक्तियों पर सौंपी गई थी़ उनका कार्य सराहनीय है.

    आक्सीजन की बचत होने से राहत

    आक्सीजन रिसाव की जांच, मरम्मत तथा अस्पताल में आक्सीजन उचित पद्धति से उपयोग में लाने के लिए महाविद्यालयीन तज्ञों को नियुक्त किया गया़ आज जिले में आक्सीजन की बचत होकर ज्यादा से ज्यादा मरीजों को आक्सीजन उपलब्ध होने के कारण बड़ी राहत मिली है़

    -प्रेरणा देशभ्रतार, जिलाधिकारी-वर्धा.