रूसी इनाम विवाद के बीच पोम्पिओ ने तालिबान के नेता से की बात

इस्लामाबाद. अफगानिस्तान में अमेरिकी व गठबंधन सैनिकों को निशाना बनाने पर तालिबान से जुड़े आतंकवादियों को इनाम देने की रूसी पेशकश के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को जानकारी होने को लेकर जारी विवाद के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने तालिबान के प्रमुख वार्ताकार से बातचीत की। गौरतलब है कि ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने शनिवार को एक खबर प्रकाशित की थी जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता के बीच रूसी सैन्य खुफिया इकाई गुप्त रूप से तालिबान से जुड़े आतंकवादियों को अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों सहित गठबंधन सेनाओं को निशाना बनाने पर इनाम देने की पेशकश कर रही है। हालांकि सोमवार को हुई वार्ता में इन आरोपों पर कोई चर्चा नहीं की गई।

 

तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शहीन ने ट्वीट किया कि पोम्पिओ और मुल्ला अब्दुल घनी बरदार ने सोमवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पोम्पिओ ने विद्रोहियों से अफगानिस्तान में हिंसा कम करने पर जोर दिया और फरवरी में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए शांति समझौते को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इन दोनों के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष दूत जलमय खलीलजाद समझौते को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। वह मंगलवार सुबह उज़्बेकिस्तान में थे और बुधवार को उनके पाकिस्तान की राजधानी इस्लामबाद पहुंचने की संभावना है। वह कतर की राजधानी दोहा भी जाएंगे, जहां तालिबान का राजनीतिक कार्यालय है। शाहीन ने ट्वीट में कहा कि पोम्पिओ और बरदार ने समझौते के क्रियान्वयन, विदेशी सैनिकों की वापसी, कैदियों की रिहाई, अंतर-अफगानिस्तान वार्ता शुरू करने और सैन्य अभियानों को कम करने पर चर्चा की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।(एजेंसी)