Trump: Not giving money to the postal service to stop voting via post
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वाशिंगटन: अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने खुलेआम स्वीकार किया कि वह अमेरिकी डाक सेवा को धन से वंचित रख रहे हैं ताकि बड़े पैमाने पर डाक के जरिए संभावित मतदान को मुश्किल बनाया जा सके। ट्रंप को संदेह है कि इससे उन्हें नुसकान पहुंच सकता है।

ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के साथ एक साक्षात्कार में कोष देने के दो प्रावधानों का जिक्र किया, जिनकी डेमोक्रेट्स राहत पैकैज में मांग कर रहे हैं और जो कैपिटोल हिल में अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त धन के बिना डाक सेवा के पास बड़ी संख्या में मतदाताओं के मतपत्रों को संभालने की क्षमता नहीं होगी, जो कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मतदान स्थल पर जाने से बचना चाहते हैं। ट्रंप ने प्रस्तोता मारिया बार्टिरोमो से कहा, ‘‘अगर हम कोई समझौता नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि उन्हें कोई धन नहीं मिलेगा। इसका तात्पर्य है कि वे ब्रह्मांड भर में डाक के जरिए मतदान नहीं करा सकते, वे ऐसा नहीं कर सकते।”

ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब वह नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन से बढ़त हासिल करने के लिए रणनीति तलाश रहे हैं। ट्रंप का यह बयान डेमक्रेट्स के लिए नया संदेश है कि राष्ट्रपति मतदान के अधिकार को कड़े करने का प्रयास कर रहे हैं।

बाइडेन ने कहा कि यह, ‘‘असली ट्रंप। वह चुनाव नहीं चाहते।” वहीं कोलोराडो की सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जेना ग्रिस्वोल्ड ने कहा, यह महामारी के दौरान मतदान के सर्वाधित सुरक्षित तरीके को कमतर करने के लिए मतदाताओं को दबाने और मतदान करने के लिए अमेरिकियों को अपना जीवन जोखिम में डालने के लिए दबाव बनाने के समान है।”

नए वायरस राहत पैकेज पर बातचीत लगभग समाप्त हो गई है, लेकिन व्हाइट हाउस और कांग्रेस के नेताओं के बीच स्कूलों को फिर से खोलने और कोरोना वायरस को रोकने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति शुरू करने पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। वहीं स्कूलों और वायरस जांच के लिए 100 अरब डॉलर से अधिक राशि पर सहमति के कुछ बिंदू हैं लेकिन डेमोक्रेट अन्य आपातकालीन धन चाहते हैं, जिसे ट्रंप ने खारिज करते हैं।

ट्रंप ने अपने साक्षात्कार में कहा, ‘‘वे ऐसे काम के लिए 3.5 अरब डॉलर चाहते हैं, जो छल साबित होगा। वह वास्तव में चुनावी धन है।” पोस्टमास्टर जनरल लूइस डेजोय कह चुके हैं कि एजेंसी आर्थिक रूप से असमर्थ स्थिति में हैं, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस वर्ष डाक मतदान को संचालित कर सकता है। (एजेंसी)