China stunned at Corona's talk from Wuhan, jailed for 4 years for live-streamed journalist

बीजिंग: कोरोना वायरस (Corona Virus) के सामने आने के बाद से पूरी दुनिया चीन (China) को शक की निगाह से देख रही है। अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) कई बार कोरोना वायरस को सार्वजनिक रूप से ‘चीनी वायरस’ (Chinese Virus) कह चुके हैं और चीन पर कोरोना को लेकर डब्ल्यूअचओ (WHO) की जांच में बाधा डालने के आरोप भी लग चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर चीन कोरोना को लेकर क्या छिपाना चाहता है?

एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के जिस वुहान शहर (Wuhan) में कोरोना वायरस की पुष्टि सबसे पहले हुई थी उस पर कई लाइव स्ट्रीम (Live Stream) वीडियो रिपोर्ट बनानेवाली सिटिज़न जर्नलिस्ट झांग झान (Citizen Journalist Zhang Zhan) को चीन के एक कोर्ट ने सोमवार को चार साल जेल की सजा सुनाई है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, झांग झान पर ‘झगड़ा करने’ और ‘समस्‍याओं को उकसाने’ के आरोप हैं और उन्हें शंघाई के कोर्ट ने दोषी पाया है जिसके बाद उन्हें जेल की सजा सुनाई गई है। पत्रकार और वकील झांग को मई में हिरासत में लिया गया था और वह कई महीने तक इसके खिलाफ भूख हड़ताल पर रही थीं।

झांग के वकीलों का कहना है कि झांग झान का स्‍वास्‍थ्‍य भी फिलहाल खराब है। बता दें कि, झांग उन सिटिजन जर्नलिस्‍ट में शामिल हैं जो वुहान में कोरोना का खुलासा करने पर संकट में आ गए हैं। चीन में कोई भी स्‍वतंत्र मीडिया (Free Press) नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, झांग फरवरी महीने में कोरोना की स्‍वतंत्र रिपोर्ट करने के लिए वुहान पहुंची थीं और उन्‍होंने इस दौरान कई वीडियो लाइव स्ट्रीम किए थे। वीडियो को फरवरी में सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया था। जिसके बाद चीनी अधिकारियों की नजर उन पर पड़ी और उनपर इसके बाद कार्रवाई हुई। झांग को पहले हिरासत में लिया गया था और नवंबर में उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप लगाया गया कि उन्‍होंने टेक्‍स्‍ट, वीडियो और अन्‍य मीडिया प्‍लेटफार्म के जरिए झूठी सूचनाएं फैलाई थीं।

इस मामले में चीन में मानवाधिकारों (Human Rights) से जुडे एनजीओ (NGO) ने कहा कि, झांग ने स्‍वतंत्र पत्रकारों को हिरासत में डालने और जवाबदेही चाह रहे परिवारों के प्रताड़‍ना की रिपोर्ट प्रकाशित की थी।