क्या होगा अगर दुनिया से सारे मच्छर खत्म हो जाएं? जानें यहां

    जोहानिसबर्ग: ‘क्यूरियस किड्स’ बच्चों के लिये शुरू की गई एक श्रृंखला है, जिसमें हम विशेषज्ञों से बच्चों के सवालों के जवाब पूछते हैं। इस श्रृंखला के तहत केन्या के डियानी की निवासी निको (चार) ने पूछा कि यदि दुनिया से सारे मच्छर खत्म हो जाएं, तो क्या होगा? दुनिया में अधिकतर लोग मच्छरों से बहुत नफरत करते हैं। व्यक्तिगत रूप से मुझे वे बुरे नहीं लगते- वे मुझे नहीं काटते, लिहाजा मैं उनसे उतना तंग नहीं होता, जबकि ज्यादातर लोग मच्छरों के काटने से होने वाली खुजली और उनके शोर को बर्दाश्त नहीं कर सकते।

    मैं मलेरिया संबंधी अनुसंधान के लिए काम करता हूं, इसलिये मैं अपना समय उनकी देखभाल करने और उन्हें जीवित रखने में भी लगाता हूं ताकि मेरे सहयोगी और मैं उनके संबंध में अध्ययन कर सकें। यह गंभीर और महत्वपूर्ण काम है क्योंकि मच्छर दुनिया के सबसे खतरनाक प्राणी हैं। लोगों की मौत के लिये मच्छर से अधिक कोई और जानवर जिम्मेदार नहीं है। मच्छर कई घातक बीमारियां फैलाते हैं। तो, क्या यह दुनिया के लिए बेहतर नहीं होगा यदि ये सभी मच्छर खत्म हो जाएं? 

    इस सवाल का जवाब जानने से पहले यह समझना होगा कि मच्छर क्या होते हैं। मच्छर वास्तव में कीटों का एक विशाल समूह है। वयस्क मच्छर लार्वा कहे जाने वाले शिशु मच्छरों से पूरी तरह अलग दिखते हैं। मधुमक्खियों और ततैया के विपरीत वयस्क मच्छरों के केवल दो पंख होते हैं। मधुमक्खियों और ततैया के चार पंख होते हैं। कई अलग-अलग प्रकार की काटने वाली मक्खियां होती हैं। उन सभी को अंडे देने में सक्षम होने के लिए – मनुष्यों सहित – अन्य प्राणियों से रक्त लेने की आवश्यकता होती है। वैसे तो दुनिया में काटने वाली कई प्रकार की मक्खियां होती हैं, जिनमें ‘हॉर्सफ्लाई’ और ‘सेट्स फ्लाई’ शामिल हैं,लेकिन इन सब में मच्छर सबसे आम और बड़ी संख्या में हैं।

    मच्छर अलग-अलग प्रकार के कीट होते हैं। इनकी 3,500 से प्रजातियां होती हैं। इन सभी का व्यवहार अलग होता है। ज्यादातर रात में सक्रिय होते हैं, लेकिन कुछ दिन में भी सक्रिय रहते हैं। लोगों को शायद ये बात मालूम न हो कि केवल मादा मच्छर ही हमें काटती हैं, क्योंकि उन्हें हमारे खून की जरूरत होती है ताकि वे अंडे दे सकें। नर मच्छर जीवित रहने के लिए पौधों द्वारा बनाया गया एक मीठा रस पीते हैं। यदि मादा मच्छर किसी ऐसे व्यक्ति का रस चूसती है, जो किसी प्रकार के वायरस से संक्रमित है या मलेरिया जैसे परजीवी रोग से पीड़ित है, तो वह बाद में जिस व्यक्ति को काटती है, उसे भी यह बीमारी हो सकती है।

    मच्छरों की इन सभी प्रजातियों में से केवल लगभग 40 प्रकार मादा मच्छर ही वास्तव में खतरनाक होती हैं क्योंकि वे उन बीमारियों को फैला सकती हैं, जिनसे लोगों पीड़ित हो सकते हैं। लिहाजा, दुनिया के सभी मच्छरों में से बहुत कम मच्छर ऐसे हैं जो वास्तव में खतरनाक हैं। समस्या यह है कि इनमें से कुछेक मच्छर मलेरिया जैसी कई खतरनाक बीमारियां फैलाते हैं। अगर मलेरिया फैलाने वाले ये मच्छर खत्म हो जाएं, तो दुनिया ज्यादा स्वस्थ हो जाएगी।

    ऐसा लग सकता है कि मच्छर गायब हो जाएं तो यह हम सभी के लिए बेहतर होगा। लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि मच्छर एक महत्वपूर्ण उद्देश्य की पूर्ति करते हैं। मच्छर कई प्राणियों के लिये भोजन होते हैं। उदाहरण के लिये बेबी मच्छर पानी में रहते हैं और ये ‘मॉस्कीटो फिश’ का पसंदीदा भोजन हैं। मेंढक, पतंगा, चींटियां, मकड़ियां, छिपकली, चमगादड़ और कुछ अन्य कीट एवं जानवर भी मच्छरों को खाते हैं। यदि सभी मच्छर खत्म हो गए, तो कई जानवर भूखे रह जाएंगे। (एजेंसी)