कोरोना के कारण इस वर्ष स्कूल के नतीजे शत प्रतिशत?, स्पर्धा के युग में गुणवत्ता प्राप्त विद्यार्थियों का नुकसान

    मलकापुर. कोरोना महामारी की पार्श्वभूमि पर राज्य के शिक्षा विभाग ने कक्षा दसवीं की परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है. दसवीं के नतीजे की प्रक्रिया यह अब 9वीं और 10वीं के अंकों पर इस वर्ष के दसवीं के नतीजे घोषित किए जाने की घोषणा सरकार ने की है. सरकार के इस निर्णय के कारण सभी स्कूल के नतीजे यह शतप्रतिशत लगने की संभावना हैं. इसके कारण स्पर्धा के इस युग में गुणवत्ता प्राप्त छात्रों का नुकसान हो रहा हैं.

    दसवीं कक्षा यह छात्रों के लिए माध्यमिक शिक्षा से उच्च माध्यमिक शिक्षा की ओर मोड़ते समय एक प्रकार से छात्रों के जिंदगी का टर्निंग पाइंट होता हैं. आज के स्पर्धा के युग में दसवीं में छात्र एक प्रकार अपने बौध्दिक क्षमता साबित करते हैं. इस साल कोरोना महामारी के संकट के कारण दसवीं के छात्रों को अंतिम वर्ष के यानि 9वीं में लिए गए टेस्ट पेपर में मिले अंक के 50 प्रतिशत अंक तथा दसवीं के अतंर्गत 20 अंक तथा परीक्षा के 30 अंक ऐसे कुल हर विषय में सौ अंक ग्राह्य माने जाएंगे.

    उस अनुसार छात्रों के नतीजे घोषित किए जाएंगे. इस संदर्भ की घोषणा शिक्षा मंत्री ने करने से छात्र का तनाव कम हुआ हैं. यह विचार अभिभावक प्रकट कर रहे हैं. सभी स्कूलों के नतीजे शत प्रतिशत लगने की संभावना हैं? लेकिन आज के स्पर्धो के युग में गुणवत्ता प्राप्त छात्रों को अपनी बौध्दिक क्षमता साबित नहीं करते आएगी. जिससे इन विद्यार्थियों में नाराजी होने का चित्र नजर आ रहा हैं. तहसील में 29 स्कूल के 3,099 छात्र इस साल कक्षा 10 में प्रवेश लेंगे. 

    विगत वर्ष में कोरोना महामारी की पहली लहर के कारण अधिकांश पाठयक्रम यह आनलाइन स्वरूप में हुए. जिसमें कहीं कहीं पर उचित नियोजन न होने से आनलाइन कक्षा के लिए विविध उपकरण, इंटरनेट सेवा आदि में दिक्कते आती रही हैं. विशेषतः ग्रामीण परिसर एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को कई समस्याएं हुई.

    जिससे वह आनलाइन के माध्यम से शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए हैं. इस वर्ष भी उसी तरह से पाठ्यक्रम होने से इस वर्ष भी सही तरीके से पाठ्यक्रम पूर्ण होना संभव नहीं है. जिस कारण कोरोना महामारी का प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर बडे पैमाने पर होकर उनका शैक्षणिक नुकसान हुआ हैं.

    छात्रों में कहीं खुशी, कहीं गम

    राज्य सरकार ने नतीजों के संदर्भ में निर्णय घोषित कर दसवीं परीक्षा की अड़चण दूर की है. मल्यूमापन की नीति घोषित करने के बाद छात्रों को उत्तीर्ण की अंकपत्रिका मिलेगी. जिस कारण छात्रों में खुशी हैं. लेकिन स्पर्धात्मक परिस्थिति को देखते हुए गुणवत्ता प्राप्त छात्रों की परीक्षा की तैयारी की थी और अब परीक्षाएं न होने से उनमे नाराजी देखी जा रही है. 

    अगले प्रवेश के लिए ऐसी होगी सीईटी परीक्षा

    कक्षा 11वीं प्रवेश के लिए राज्य में एक आम प्रवेश परीक्षा सीईटी ली जाएगी. उक्त प्रवेश परीक्षा राज्य मंडल के कक्षा 10वीं पाठ्यक्रम पर आधारित होगी. परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रिका के स्वरूप में यह वस्तुनिष्ट बहु पर्यायी स्वरूप के होंगे. सीईटी परीक्षा यह 100 अंकों की रहेगी एवं परीक्षा का कालावधि दो घंटों का होगा

    मूल्यमापन से अंक देना मतलब छात्रों की सही परीक्षा नहीं, छात्रों को सभी विषय का अभ्यास हो, जिसके लिए परीक्षा लेना बहुत महत्वपूर्ण है. लेकिन कोरोना संकट के कारण छात्रों की परीक्षा न लेकर उनका पिछले साल के आधार पर मूल्यमापन कर पास करना सरकार ने मंजूर किया हैं.-प्रा.गौरव राजपुत, कार्यकारी संचालक, गजानन सायन्स एकेडमी