बेटियां होती है अनमोल, जानें क्यों मनाया जाता है डॉटर्स डे

डॉटर्स डे (Daughters Day), जैसे की नाम से ही स्पष्ट होता है, यह दिन बेटियों का है। विभिन्न देश डॉटर्स डे अलग-अलग दिन मनाते हैं। लेकिन भारत में इसे सितंबर के चौथे रविवार को मनाया जाता है। जो इस वर्ष आज यानी 27 सितंबर को पड़ा है। यह दिन दुनिया भर की बेटियों के लिए खास दिन होता है। कहावत है कि बेटे वंश को आगे बढ़ाते हैं लेकिन घर की रौनक बेटियों की खिलखिलाहट से ही आती है। 

एक बेटी जितना अपनी मां के करीब होती है, उतना ही पिता की दुलारी और लाडली होती है। किसी भी बेटी के लिए उसके पापा उसके सुपरहीरो होते हैं। जो उसे किसी भी परेशानी से बचा सकते हैं। इन्हीं बेटियों के नाम है आज का यह खास दिन। 

डॉटर्स डे का इतिहास-

वैसे तो डॉटर्स डे दुनिया भर में अलग-अलग दिन मनाया जाता है, लेकिन भारत में यह दिन सितंबर के चौथे रविवार को मनाया जाता है। भारत में डॉटर्स डे मनाने के लिए रविवार का दिन इसलिए चुना गया ताकि माता-पिता अपनी बेटियों के साथ ज़्यादा समय बिता सकें और उनका यह दिन खास बना पाएं।

आज भी दुनिया के ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां महिला और पुरुष में फर्क किया जाता है। इसलिए कुछ देशों की सरकारों ने समानता को प्रोत्साहित करने के प्रयास में, बेटी दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किए जाने वाले त्यौहार मानने का फैसला लिया गया। सरकार की नज़र में हर इंसान बराबर है और लोगों को भी इस बात के लिए जागरूक करना ज़रूरी था।

डॉटर्स डे का महत्व-

डॉटर्स डे का महत्त्व यह है कि बेटियों को किसी से कम न समझे। उनको भी बराबरी का हक दें। इस दिन देश भर की बेटियों के सफलता को सराहा जाता है। जैसा कि यह रविवार को पड़ता है, इसलिए बेटियों और माता-पिता के पास एक दूसरे के साथ समय मौका मिलता है।  

कैसे मनाएं डॉटर्स डे-

इस साल कोरोना महामारी के कारण हो सकता है कि यह समारोह दुनिया भर में कम धूमधाम से मनाया जाए। लेकिन इस दिन आप अपनी बेटियों को आशीर्वाद देकर उनके सफल जीवन की कामना कर सकते हैं। उनके विचारों को गले लगा सकते हैं, और उन्हें बता सकते हैं कि आप उन पर कितना गर्व करते हैं।