Shiv Sena warns of agitation for sugarcane growers to pay yield

बुलढाना. मातृतीर्थ के रूप में पहचाने जाने वाले सिंधखेड़राजा विधानसभा क्षेत्र राष्ट्रमाता जिजाऊ का जन्मस्थल है. जहां 2014 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद शिवसेना ने इस सीट पर अपना कब्जा

बुलढाना. मातृतीर्थ के रूप में पहचाने जाने वाले सिंधखेड़राजा विधानसभा क्षेत्र राष्ट्रमाता जिजाऊ का जन्मस्थल है. जहां 2014 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद शिवसेना ने इस सीट पर अपना कब्जा जमाया था. यह चुनाव भाजपा व शिवसेना ने अलग होकर लड़ा था. यह क्षेत्र बाकी विस क्षेत्र से छोटा है, मगर उस हिसाब के अनुपात में यहां संभावित उम्मीदवारों की संख्या भी काफी कम है. 2014 के चुनाव में शिवसेना के शशीकांत खेड़कर ने भाजपा के गणेश मांटे को हराया था. संख्या कम होने के बाद भी विविध राजनीतिक दलों के संभावित प्रत्याशी टिकट के जुगाड़ के लिए जुट गए हैं.

तेज हुई सरगरमियां
चुनाव की तिथि भले ही घोषित नहीं हुई हो मगर राजनीतिक सरगरमियां तेज हो गई हैं. राजनीतिक दल चुनाव जीतने की क्षमता रखनेवाले प्रत्याशियों की खोज में जुट गए हैं. लोकसभा चुनाव में मिली भारी सफलता की वजह से युति के संभावित प्रत्याशी अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं. इस बार युति और आघाड़ी के बीच राज्य में लोकसभा चुनाव की तरह सीधी लड़ाई दिखाई दे रही हो, लेकिन वंचित बहुजन आघाड़ी भी प्रस्थापित दलों का गणित बिगाड़ने के हिसाब से अपने बूते खम ठोककर मैदान में उतरने की तैयारियों में जुट गई है. वंचित आघाड़ी की ओर से उम्मीदवारों के साक्षात्कार की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. सूत्रों के अनुसार 30 जुलाई तक पहली सूची भी जारी की जारी की सकती है.

दुबारा मिलेगी सफलता : खेडेकर.
2014 के विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत को अपने पलड़े में करनेवाले शिवसेना विधायक डा. शशिकांत खेडेकर ने विश्वास जताया कि उनके द्वारा किए गए विकास कामों की वजह से फिर एक बार उन्हें ही जनता का आशीर्वाद मिलेगा और निश्चत तौर पर जीत उन्हीं की होगी. 2019 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना की ओर से संभावित उम्मीवार के रूप में विधायक खेडेकर पुनः चुनाव लड़ने की तैयारी में है. उनका कहना है कि क्षेत्र में पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए नदी व बांध गहराईकरण करने का लाभ हुआ है. जिसे जनता ने विविध उपाधियां देकर सराहा है. क्षेत्र में बेरोजगारों के लिये बड़े उद्योग लाने का प्रयास है. तथा किसान व खेत मजदूर के लिये विशेष योजनाओं को साकार करने की उनकी मंशा है. क्षेत्र का विकास ही उनके लिए सर्वोपरि है.

क्षेत्र को चमन बनाउंगी : रेखा
भाजपा की ओर से 3 बार विधायक रह चुकी रेखा पुरुषोत्तम खेडेकर वर्तमान में राष्ट्रवादी कांग्रेस में सक्रिय हैं. संभावित प्रत्याशी के रूप में वे तैयारियों में जुट गई हैं. उन्हें राजनीतिक व सामाजिक जीवन का काफी बड़ा अनुभव रहा है. 2014 के विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र से वे अपनी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी. उनका मानना है कि, विकासात्मक कार्य के बारे में हरदम सिर्फ बोला ही जाता है मात्र इस बारे में कोई कृति नहीं करता. यदि उन्हें फिर एक बार मौका मिलता है तो वे रह गए विकास कार्यों को पूरा कर क्षेत्र को चमन बनाने का प्रयास करेंगी. युवाओं को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से क्षेत्र में नए उद्योगों को लाने का प्रयास किया जाएगा.

करेंगे सर्वांगीण विकास : शिंगणे
पूर्व राज्यमंत्री राष्ट्रवादी कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी डा. राजेंद्र भास्कर शिंगणे ने बताया कि राजनीति में उनका काफी लंबा अनुभव रहा है. मंत्री रहते हुए उन्होंने क्षेत्र में करोड़ों रुपयों के विकास कामों को अंजाम दिया है. अनेक प्रकार के सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनता की सेवा की है. हर वर्ग के साथ न्याय करने का काम किया है. उनका कहना है कि यदि उन्हें फिर से विधायक बनने का मौका मिलता है तो वे मातृतीर्थ सिंदखेड़ राजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिये प्रयत्नशील रहेंगे तथा इस क्षेत्र में विकासात्मक कार्य करेंगे. उन्होंने चुनाव में जनता से आशीर्वाद मिलने की पूरी उम्मीद जताई है.

महिलाओं का सशक्तिकरण करुंगी : मुंढे
जिला परिषद में सदस्य के रूप में काम कर राजनीतिक अनुभव प्राप्त करनेवाली सविता शिवाजी मुंढे 2019 के विधानसभा चुनाव में बतौर निर्दलीय मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं. यदि वे चुनकर आती है तो महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विविध प्रकार की योजनाएं चलाएंगी. युवकों को नशा मुक्त करने के लिए जनजागृति अभियान चलाएंगी. इसके अलावा जहां गांव वहां कार्यशाला की स्थापना करना ही उनका सपना है.