These 15 ELSS funds gave strong returns of 30% to 60%

  • ELSS फंडों में टैक्स बचत के साथ मिल रहा बढ़िया रिटर्न

मुंबई: विकसित देशों की तरह भारत में भी म्युचुअल फंड (Mutual Fund) एक लोकप्रिय निवेश माध्यम बनता जा रहा है। परंपरागत निवेश माध्यमों की तुलना में काफी अच्छे रिटर्न (Good Return) और नियामक ‘सेबी’ (SEBI) की सख्त निगरानी के चलते देश के रिटेल निवेशकों (Retail Investors) में म्युचुअल फंड कंपनियों के प्रति भरोसा मजबूत हो रहा है और निवेशक इनकी स्कीमों (फंडों) के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि म्युचुअल फंडों का प्रबंधन कोष 38 लाख करोड़ रुपए के पार हो चुका है।

हालां‍कि म्युचुअल फंडों की सभी स्कीमों में जीवन बीमा (Life Insurance), बैंक सावधि जमा (Bank Fixed Deposit), लघु बचत योजनाओं (Small Saving Scheme) जैसी अन्य निवेश माध्यमों की तरह निवेश पर आयकर छूट (Income Tax Rebate) प्राप्त नहीं होती है, सिर्फ एक ही स्कीम में आयकर छूट मिलती है। जिसे इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (Equity Linked Saving Scheme-ELSS) यानी टैक्स सेविंग इक्विटी फंड कहते हैं। म्युचुअल फंडों की इस स्कीम में सालाना 1.50 लाख रुपए तक के निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी (Section 80C of of Income Tax Act) के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। भारत में कुल 45 म्युचुअल फंड कंपनियां हैं और एक म्युचुअल फंड कंपनी को एक ही ELSS फंड संचालित करने की अनुमति है।   

बाजार की तेजी-मंदी पर निर्भर रिटर्न    

यदि आपने अब तक वित्त वर्ष 2021-22 के लिए टैक्स बचत के लिए निवेश (Tax Saving Investment) शुरू नहीं किया है तो ELSS फंडों में निवेश करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि इनमें अन्य टैक्स बचत माध्यमों की तुलना में बेहतर रिटर्न प्राप्त हो रहा है। क्योंकि ELSS फंडों का निवेश शेयर बाजार (Stock Market) में होता है। इसलिए इनका रिटर्न बाजार की तेजी-मंदी पर निर्भर रहता है। वर्तमान में शेयर बाजार में तेजी का दौर जारी है। इसलिए इनमें बढ़िया रिटर्न मिल रहा है। मंदी के दौर में रिटर्न भी कम हो जाता है, या ज्यादा मंदी के कारण किसी साल रिटर्न नहीं भी मिलता है। यह एक जोखिम भी है। लेकिन लॉन्ग टर्म (Long Term) में अधिकांश ELSS फंडों में औसतन रिटर्न अच्छा ही रहा है। पिछले दो दशकों में ज्यादात्तर फंडों ने डबल डिजिट में रिटर्न प्रदान किया है।  

लॉन्ग टर्म में भी जोरदार रिटर्न

इस लेख में हम शीर्ष 15 ELSS फंडों (ग्रोथ ऑप्शन) के रिटर्न की जानकारी दे रहे हैं। इन फंडों ने 2021 में 30% से लेकर 60% तक का जोरदार रिटर्न दिया है। जबकि पिछले तीन ‍वर्षों में 16% ले लेकर 34% तक का अच्छा रिटर्न प्रदान किया है। और 5 वर्षों के आंकड़े देखे तो इनमें 13% से लेकर 26% तक का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से रिटर्न प्राप्त हुआ है। यानी निवेशकों को डबल डिजिट में प्रतिफल मिला है। इनमें क्वांट म्युचुअल फंड (Quant Mutual Fund) का प्रदर्शन सबसे श्रेष्ठ रहा है। इसकी क्वांट टैक्स फंड स्कीम में निवेशकों को 12 महीनों में सबसे अधिक 60%, 3 साल में 34% और 5 साल में 26% की जबरदस्त कमाई हुई है।

Mutual Fund Chart

स्मार्ट फंड मैनेजर देते हैं ज्यादा कमाई

ELSS फंडों का संचालन करने वाले जो फंड मैनेजर इन्वेस्टमेंट में अधिक स्मार्ट होते हैं, वे अपनी सूझबूझ से बाजार से ज्यादा रिटर्न प्राप्त करने में सफल होते हैं। इसका एक उदाहरण महिंद्रा मैनुलाइफ म्युचुअल (Mahindra Manulife Mutual Fund) की ELSS कर बचत योजना है। जिसका रिटर्न 3 और 5 साल में तो क्रमश: 18.2% और 13.1% ही रहा, लेकिन पिछले एक साल में इसने 39% का जोरदार रिटर्न दिया है। इसकी वजह है इसकी नई फंड मैनेजर फातिमा पाशा (Fatima Pasha)। आईप्रू लाइफ से महिंद्रा मैनुलाइफ में आई फातिमा पासा ने महिंद्रा मैनुलाइफ म्युचुअल की ELSS कर बचत योजना का पोर्टफोलियो पूरी तरह पुनर्गठन कर इसका प्रदर्शन चमका दिया है।

3 साल का लॉक-इन पीरियड

ELSS फंडों में 3 साल का लॉक-इन पीरियड रहता है। अर्थात आप जो बचत इसमें निवेश करेंगे, वह 3 साल बाद ही निकाल सकते हैं। यह ELSS की एक और विशेषता है। अन्य टैक्स बचत स्कीमों की तुलना में ELSS का लॉक-इन पीरियड काफी कम है। हालांकि 3 साल के बाद भी निवेशक इसे जारी रख सकते हैं, क्योंकि ELSS में लंबे समय के लिए निवेश करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

1 लाख रुपए तक फायदे पर कोई टैक्स नहीं

ELSS फंडों में 1.50 लाख रुपए तक के सालाना निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है और इनमें निवेश पर होने वाली कमाई भी टैक्स फ्री होती है। ELSS फंडों से एक साल में मिली 1 लाख रुपए तक की कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से छूट रहती है। इससे अधिक फायदे पर 10% की दर से टैक्स देना होता है। ELSS फंडों में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए 500 रुपए से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है। जबकि अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। ELSS में दो तरह के ऑप्शन होते हैं। पहला ग्रोथ (Growth Option) और दूसरा डिविडेंड ऑप्शन (Dividend Option)। ग्रोथ ऑप्शन में पैसा लगातार स्कीम में रहता है। डिविडेंड ऑप्शन में म्युचुअल फंड समय-समय पर लाभांश के रूप में फायदा बांटते रहते हैं। डिविडेंड ऑप्शन वाली स्कीमों में साल में 5,000 रुपए से अधिक के डिविडेंड पर 10% TDS कटौती भी होती है।