‘2019-वर्ल्ड कप’ में रायुडू को न चुनकर कौन बहुत पछताया ?

– विनय कुमार

टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज़ और चीफ़ सेलेक्टर देवांग गांधी ने एक ताज़ा बयान दिया है, जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे। देवांग गांधी का मानना है कि 2019 के वर्ल्ड कप (World Cup) टीम से स्टार बल्लेबाज रायुडू का बहिष्कार ग़लत था।

रायुडू को नकार विजय शंकर को चुना

टीम इंडिया जिसे ‘द मेन इन ब्लू’ लीग सेशन में टॉप पर था। और ये माना जा रहा था कि, वर्ल्ड कप पर भारत का कब्ज़ा होगा। हालांकि, सेमीफाइनल में खेल के समीकरण न्यूजीलैंड के खिलाफ में पूरी तरह से बदल गए। अंबाती रायुडू की लिए संभावनाएं नजर आ रही थीं। लेकिन, उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया था। स्टार बल्लेबाज़ अंबाती रायुडू की बजाय विजय शंकर को मौका दिया गया था, जो पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। 

देवांग गांधी को क्यों पछतावा हुआ ?

हाल ही समाप्त हुए IPL T20, 2020 टूर्नामेंट में अंबाती रायुडू ने बेहतरीन खेल दिखाया। उनके शानदार प्रदर्शन ने उनके आलोचकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहीं-न-कहीं उनका कप 2019 (World Cup 2019) की टीम में शामिल नहीं किए जाने का निर्णय ग़लत था।

देवांग गांधी ने कहा कि, जब उन्होंने 2019 के वर्ल्ड कप में टीम बनाई तो उन्हें लगा कि वे सही हैं। लेकिन, बाद में यह महसूस किया गया कि अंबाती रायुडू को लेने पर उन्हें टीम के मिडल ऑर्डर के संकट को सुलझाने में मदद मिलती। उन्होंने कहा, कि 35 साल के बल्लेबाज के पास निराशा महसूस करने और चयनकर्ताओं पर कटाक्ष करने के सभी अधिकार थे। यहां तक कि उन्होंने WC-19 टीम से अपने रिटायरमेंट की घोषणा भी कर दी थी।

रायुडू की नाराज़गी क्यों थी सही ?

देवांग गांधी ने एक अखबार से कहा,  “यह एक गलती थी, लेकिन फिर हम इंसान भी हैं। उस समय हमें लगता था कि हमने सही टीम चुनी है, लेकिन बाद में हमने महसूस किया, कि रायडू की मौजूदगी से मदद मिल सकती थी। यकीनन, विश्व कप के दौरान ज़िम्मेदारी को लेकर एक बुरा दिन था, और यही कारण है कि रायुडू की गैरमौजूदगी एक बड़ा मसला भी बन गया। उस एक मैच के अलावा, भारत के पास एक शानदार टूर्नामेंट था। मैं समझ सकता हूं कि रायुडू की नाराजगी और उनकी प्रतिक्रियाएं सही थीं।