मंत्री के खिलाफ काले जादू की साजिश

प्रश्न यह नहीं है कि काला जादू (Black Magic) तंत्र-मंत्र और टोना-टोटका होता भी है या नहीं, लेकिन ऐसी बातों से लोगों के मन में आशंका और दहशत जरूर हो जाती है. खास तौर पर बंगाल व छत्तीसगढ़ में इस तरह की बातों को ज्यादा माना जाता है और कितने ही पढ़े-लिखे लोग भी इस पर विश्वास करते हैं. अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून (Supercilious elimination law) ऐसे पाखंड का विरोध करने के साथ ही इस तरह की गतिविधियों में संलग्न तथाकथित तांत्रिक-मांत्रिक को गिरफ्तार कर कड़ी सजा का प्रावधान करता है. देश में जगह-जगह इस तरह के तांत्रिक-मांत्रिक अपनी दुकानदारी चला रहे हैं और कितने ही लोग उन पर भरोसा कर अपने विरोधियों के खिलाफ उनका इस्तेमाल करते हैं.

ऐसे तांत्रिक अपने पास जादुई शक्ति होने का दावा करते हैं. नौकरी, व्यवसाय या राजनीति में अपने प्रतिपक्षी को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लोग इन तांत्रिकों की मदद लेते हैं. चाहे इसे अंधविश्वास कहा जाए लेकिन इसकी जड़ें काफी गहरी हैं. किसी के प्रति जलन, द्वेष, दुर्भावना या दुश्मनी की वजह से लोग ऐसी हरकतों को अंजाम देते हैं. महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार में नगर विकास मंत्री तथा शिवसेना के जाने-माने नेता एकनाथ शिंदे के खिलाफ (Eknath Shinde) काला जादू करने के आरोप में पालघर पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है. एक मुखबिर से सुराग मिलने पर पुलिस ने पालघर जिले की विक्रमगढ़ तहसील में एक घर पर छापा मारा. वहां एकनाथ शिंदे की फोटो मिली जिस पर लाल सिंदूर से तिलक लगाया गया था और नींबू-मिर्ची रखी गई थी. एक मुर्गी भी वहां पाई गई जिसे बलि चढ़ाने के लिए लाया गया था.

पुलिस ने काले जादू के सभी सामान को जब्त किया. अब पुलिस 2 तांत्रिकों को गिरफ्तार करने के बाद उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है जो तंत्र-मंत्र का सहारा लेकर मंत्री की जान का दुश्मन बना हुआ था. महाराष्ट्र में काला जादू व अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून पहले से मौजूद है. इस तरह की बातों का प्रचार-प्रसार करना व इसकी आड़ में लोगों को ठगना अपराध है. साथ ही दुर्भावना रखकर किसी को नुकसान पहुंचाने, बीमार कराने या जान लेने के इरादे से किया जाने वाला टोना-टोटका या काला जादू भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. काले जादू का अस्तित्व हो या न हो लेकिन ऐसी हरकतें अत्यंत निंदनीय हैं. ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए.