पतंगबाजी जारी क्रेज, कार्रवाई नहीं हुई तेज- प्लास्टीक पतंग व नॉयलॉन मांजा बिक्रेताओं के खिलाफ सरकार ने दिए निर्देश

  • गडचिरोली शहर में धडल्ले से बिक रहे प्लास्टीक पतंग, मांजा

गड़चिरोली. मकर संक्राति का पर्व पर पतंगबाजी आमबात है. मकर संक्राति के 2 माह पूर्व से ही बच्चे, युवाओं में पतंगबाजी का दौर शुरू हो जाता है. इस बिच नाशिक में नॉयलॉन मांजा से गला कटने के कारण एक महिला की मृत्यू होने के चलते सरकार ने सक्त रवैय्या अपनाते हुए प्रशासन को प्लास्टीक पतंग व नॉयलॉन मांजा की बिक्री करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए है.

मात्र गडचिरोली जिले में जिला प्रशासन तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा अबतक कोई कार्रवाई के मामले सामने नहीं आए है. जिसके चलते जिले में बेखौफ प्लास्टीक पतंगे व नॉयनॉन मांजा की बिक्री जारी होकर यह पतंगे आसमान में अपनी उडाने भर रहे है. जिससे प्लास्टीक पतंग व नॉयलॉन मांजा बेचनेवालों पर कब कार्रवाई होगी, ऐसा सवाल सुज्ञ नागरिकों द्वारा पुछा जा रहा है. 

मकरसंक्राति का पर्व आगामी सप्ताह में आनेवाला है. इस पर्व के मद्देनजर महिलाओं के साथ ही बच्चे व युवाओं में उत्साह का वातावरण रहता है. मकरसंक्राति के पर्व के करीब 2 से 3 माह पूर्व से ही पतंगबाजी का दौर शुरू हो जाता है. इस वर्ष भी मकर संक्राति के मद्देनजर आसमान पतंगो से भरे दिखाई दे रहे है. पतंगे उडाने के साथ ही पतंगों की काटछाट से लेकर कटी हुई पतंगे पकडने को लेकर बच्चे कंपनी का उत्साह चरम पर है.

जिले में ताव के पतंगों के साथ ही प्लास्टीक पतंगो की भी बिक्री जोरों से हो रही है. वहीं नॉयलॉन मांजा भी दुकानों में चोरी-छिपे बेचा जा रहा है. नॉयलॉन मांजा से कटने के कारण पंक्षीयों की मृत्यू होने की घटनाएं सामने आने पर पर्यावरण प्रेमीयों ने नॉयलॉन मांजा पर पाबंदी लगाने की मांग की थी. जिससे इस मांजा पर प्रतिबंध भी लगाया गया. किंतू कार्रवाई के अभाव में नॉयलॉन मांजा की धडल्ले से बिक्री हो रही थी.

इस बिच नाशिक में नॉयलॉन मांजा से गला कटने के कारण एक महिला की मृत्यू होने की घटना सामने आयी थी. जिसके पश्चात सरकार नॉयलॉन मांजा बिक्रेताओं के खिलाफ सक्त भूमिका लेते हुए कार्रवाई करने के निर्देश प्रशासन को दिए थे. जिससे राज्य में अनेक जगह पर प्रशासन ने करते हुए प्लास्टीक पतंग व नॉयलॉन मांजा बिक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. मात्र राज्य के अंतिम छोर पर बसे गडचिरोली जिले में प्रशासन हलचल में नहीं आने की बात कहीं जा रही है.

सरकार के निर्देशों के पश्चात भी गडचिरोली जिले में कहीं भी प्रशासन की कार्रवाई नजर नहीं आ रही है. जिसके कारण जिले में अनेक जगह नॉयलॉन मांजा व प्लास्टीक पतंगे धडल्ले से बेचे जा रहे है. वहीं बच्चे तथा युवावर्ग भी बेखौफ होकर प्लास्टीक पतंग व नॉयलॉन मांजा का उपयोग कर रहे है. नाशिक जैसे घटना की जिले में पुनरावृत्ती होने की आशंका व्यक्त हो रही है. इसलिए नॉयलॉन मांजा बिक्रेताओं पर कडी कार्रवाई करने की मांग उठ रही है. 

पतंगबाजी बच्चों के लिए जानलेवा

मकर संक्रति पर्व के मद्देनजर होनेवाली पतंगबाजी बच्चों के लिए जानलेवा बनती है. छतों पर पतंग उडाते समय बच्चों के गिरने की अनेक घटनाएं हुई है. कुछ वर्ष पूर्व बिजली तारों से लटकी पतंग निकालने के चक्कर में बच्चे की मौत होने की घटनाएं भी हुई है. वहीं कटी पतंग निकालने के लिए अनेक बच्चे उंची उंची छतों, पेडों पर भी चढ जाते है. वहीं पतंग पकडने के लिए सडकों पर भी भागते है. ऐसे में अनुचित घटनाएं होने का खतरा अधिक रहता है. 

मकर संक्राति पर गुलजार हुआ बाजार

मकर संक्राति के पर्व को कुछ दिनों का समय शेष है. जिसके मद्देनजर गडचिरोली शहर समेत जिले के बाजार गुलजार हुए नजर आ रहे है. शहर में वान की दुकाने भारी तादाद में लगी हुई है. जिससे वान व साडियां खरीदने के लिए बाजारों में महिलाओं की भीड उमडती नजर आ रही है. वहीं तिल व गुड की खरीदी करने के लिए किराणा दुकानों पर भी लोगों की भीड नजर आ रही है. प्रति वर्ष के भांति इस वर्ष भी महंगाई की मार दिखाई दे रही है. कोरोना महामारी के मद्देनजर कुछ महिलावर्ग द्वारा मकर संक्राति का पर्व सादगी से मनाने का नियोजन भी किया गया है. 

धार्मिक स्थलों पर उमडेगी श्रद्धालुओं की भीड

मकर संक्रात के अवसर पर अनेक श्रद्धालु धार्मिक स्थलों में जाकर पुजा अर्चना करते है. विदर्भ की काशि के रूप में पहंचाने जानेवाले चामोर्शी तहसील के मार्कंडादेव में भी श्रद्धालुओ की भीड लगी रहती है. मकर संक्राती के उपलक्ष्य में स्नान करने के लिए मार्कंडा के वैनगंगा नदी में श्रद्धालु आते है. मात्र कोरोना संक्रमण के चलते धार्मिक स्थल नियमों शर्तो के अधिन रहकर शुरू किए गए. कल से आरंभ होनेवाले मकर संक्रांती के उत्सव पर यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को नियमों शर्तों के अधिन रहकर पुजा अर्चना करनी होगी.