Tiger Poaching Case

  • 30 तक वन हिरासत, करंट लगाकर मारा था

गोंदिया. वनविभाग अंतर्गत गोंदिया वन परिक्षेत्र के मुंडीपार सहवन क्षेत्र वाले चुटिया-लोधीटोला में बाघ का शिकार कर हत्या कर दी गई थी. इस प्रकरण में वन विभाग के अधिकारियों ने जांच पड़ताल कर बड़ी जद्दोजहद के साथ 2 श्वान की मदद से अंतत: 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. उनमें लोधीटोला निवासी रोशनलाल खेमलाल बघेले, मुकेश रोशनलाल बघेले व चुटिया निवासी बालचंद सोनू राणे का समावेश है. इन्हें 27 नवंबर को प्रथम श्रेणी न्याय दंडाधिकारी के न्यायालय में पेश किया गया. जहां उन्हें 30 नवंबर तक वन हिरासत का आदेश दिया गया है.

आरोपियों ने कबूला गुनाह

उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर को लोधीटोला के खेत परिसर में बाघ मृत अवस्था में पड़ा होने की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए. इसके बाद आरोपी के खिलाफ 16 नवंबर को मामला दर्ज किया गया. बाघ मृत्यु प्रकरण की जांच गोंदिया उप वन संरक्षक के मार्गदर्शन में सभी वन अधिकारी व कर्मचारियों ने शुरू कर दी. वन कर्मचारी गोंदिया वन विभाग के श्वान पीटर व नवेगांवबांध-नागझिरा व्याघ्र आरक्षित क्षेत्र स्थित श्वान रामू की मदद से घटनास्थल की जांच कर अपराध संबंधी सबूतों को  एकत्र किया. मृत बाघ के अवशेष मिलने वाले किसानों व संदिग्ध व्यक्तियों को प्रकरण की जांच के लिए उप वन संरक्षक कार्यालय गोंदिया में बुलाया व उनके बयान दर्ज किए गए. अंत में तीनों अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों ने बाघ को करंट लगाकर उसका शिकार करने की बात कबूली है. 

कुल्हाड़ी से किये थे टुकड़े

इसके पूर्व आरोपी मुकेश राणे ने 25 नवंबर की शाम खेत परिसर में जिस स्थान पर बाघ को मारा उसे दिखाया. इसके बाद जिस मार्ग व जिस स्थान पर मृत बाघ के अवशेष फेंके थे, वह स्थल भी दिखाया. इतना ही नहीं मुकेश ने बाघ के टुकड़े करने के लिए जिस कुल्हाड़ी का प्रयोग किया. वह भी अपने घर से निकालकर वन विभाग को दी. इसी तरह 26 नवंबर को पुन: मुकेश व रोशन दोनों ने वन विभाग की टीम को घटनास्थल दिखाया. जहां बाघ के बाल, खून से सनी लकड़िया पाई गई. आरोपियों ने बाघ को करंट लगाकर मारने के लिए उपयोग किए तार व वायर तथा बांस छिपाकर रखी सामग्री वन विभाग को निकालकर दी. इस दौरान छिपाकर रखे गए काते की आरोपियों के घर के पीछे खोज की गई, लेकिन वह नहीं मिला. 2 दिन लोधीटोला की पुलिस पटेल इंदू रहांगडाले, विमुस अध्यक्ष गजानन कावले व मानद वन्यजीव रक्षक मुकुंद धुर्वे आदि उपस्थित थे. इसके पूर्व भी आरोपियों ने विद्युत करंट लगाकर जंगली सुअर व हिरन की शिकार करने की कबूली दी है. 

जांच वन विभाग गोंदिया के उपवन संरक्षक के मार्गदर्शन में सहायक वन संरक्षक आर. आर. सदगीर, वनक्षेत्राधिकारी एस. के. आकरे, वन क्षेत्रपाल संरक्षण दल कु. एस. एस. म्हसकर, क्षेत्र सहायक एस. आर. श्रीवास्तव, बी.डी.दखने, एस.जे.दुर्रानी, एल.एस.अग्निहोत्री, जे. एन. फटिंग, आर. जे. भांडारकर, एन.पी.वैद्य, सी.आर.गोदे, कु. डी. आर. लाडे, कु. एम. वी. बशीने, कु. गणवीर, मुकेश भांडारकर, कालबांधे, लिल्हारे, खरोले, खरोले, गुरुबेले, कु.झोरे, भगत, वहाब तुर्क, संतोष शहारे, कन्सरे, गिरडकर आदि कर रहे हैं.