किसान रेल का समय बदलें, किसानों के लिए सुविधाजनक नहीं

गोंदिया. किसानों को उनके कृषि उपज को देशभर में कहीं भी बिक्री करने की सुविधा केंद्र सरकार ने दी है. इसमें किसानों को लागत खर्च कम कर उनकी आय डबल करने का प्रयास हो रहा है. किसानों का खेत माल बाजार में पहुंचाने किसान रेल शुरू की गई है, लेकिन किसान रेल का समय किसानों के लिए असुविधाजनक साबित हो रहा है. जिससे किसानों ने किसान रेल का समय बदलने की मांग की है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा किसान रेल शुरू की गई है. किसानों को सब्जी भाजी, फल-फूल बाजार में बिक्री करने ले जाने के लिए 50 प्रश सुविधा दी गई है.

2 को दूसरी फेरी का आगमन

2 दिसंबर को किसान रेल की दूसरी फेरी का आगमन होने वाला है. छिंदवाड़ा से हावड़ा किसान रेल का मार्ग है, यह रेल इतवारी मार्ग होकर भंडारा, गोंदिया से हावड़ा जाएगा. इसके रेलवे स्टेशन पर आने के पूर्व किसानों को 1 घंटे पहले तक बुकिंग कर सकेंगे. इसमें कुल 18 पार्सल बोगी है. किसानों को सब्जी-भाजी व फल बाजार में ले जाने के लिए केवल 50 प्रश भाड़ा निर्धारित किया जा रहा है.

जिससे किसान रेल सुविधाजनक साबित हो रही है, जबकि किसान रेल के समय में प्रमुख बाधा निर्माण हो रही है, छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन से रेल सुबह 5 बजे छूटती है. इसके बाद गोंदिया रेलवे स्टेशन पर दोपहर 2.55 बजे पहुंचती है, जबकि किसानों को सब्जी-भाजी व फल बिक्री करने के लिए सुबह ले जाना पड़ता है. जिससे दोपहर के समय में यह किसानों के लिए बहुत उपयोगी नहीं है, यही वजह है कि रेल को प्रतिसाद नहीं मिल रहा है. इतना ही नहीं किसानों ने समय सारणी में परिवर्तन करने की मांग की है. 

शुरू की गई मार्केटिंग

स्थानीय रेलवे स्टेशन के मुख्य स्टेशन प्रबंधक नयनराव पत्ती के अनुसार  किसान रेल की मार्केटिंग शुरू की गई है. इसके पूर्व प्रथम चरण मे किसान रेल में 3 क्विंटल नींबू हावड़ा भेजा गया था. जिले के किसानों के पास एक्सपोर्ट करने के लिए कुछ विशेष सब्जी-भाजी नहीं है बल्कि छिंदवाड़ा व हावड़ा से ही सब्जियां शहर में आ रही हैं. किसान रेल की मार्केटिंग करने पर व्यापारियों व किसानों का प्रतिसाद अवश्य मिलेगा.