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  • स्वास्थ्य प्रशासन का उदासीन रवैया

गोंदिया. कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की अनुमति से होम क्वारंटाइन रहने की सुविधा दी गई है. जिससे वर्तमान स्थिति में 684 में से 385 कोरोना प्रभावित मरीज होम क्वारंटाइन है. होम क्वारंटाइन मरीजों पर शुरुआत में जिस तरह नजर रखी जा रही थी, वैसी नजर अब नहीं रखी जा रही है. होम क्वारंटाइन होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देकर मरीज अपना पल्ला झाड़ लेते हैं.

कोरोना का संक्रमण बढ़ने के बाद के बाद स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की ओर से विशेष ध्यान रखा जा रहा था. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी नियमित होम क्वारंटाईन वाले मरीजों के घर भेंट देकर नियमित जांच कर रहे थे. इसके साथ आवश्यक सूचना देने का कार्य भी कर रहे थे. इसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई की जा रही थी. वहीं अब इन सब विषयों का अभाव दिखाई दे रहा है. इस ओर स्वास्थ्य विभाग दुर्लक्ष कर रहा है.

कोरोना के सामान्य लक्षण वाले मरीजों को होम क्वारंटाइन रहने की अनुमति दी जा रही है. मरीज के घर रहने के लिए स्वतंत्र कक्ष हो, होम क्वारंटाइन की अवधि में मरीज बाहर न जाए आदि का पालन करने की सूचना स्वास्थ्य विभाग से दे जा रही है. जबकि प्रत्यक्ष में इस नियम का पालन मरीजों से नहीं किया जा रहा है. 

नियमित जांच जारी : कापसे

इस संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी नितिन कापसे ने बताया कि कोरोना के सामान्य लक्षण वाले मरीजों को होम क्वारंटाइन रहने की अनुमति दी जाती है. इसी तरह उन्हें नियमों का पालन की सूचना भी दी जा रही है. इन मरीजों की नियमित स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से जांच की जाती है. नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाती है.