PM Narendra Modi

    नई दिल्ली. देश में कोरोना की भयानक लहर ने टेंशन बढ़ाया हैं। गुरुवार को रिकॉर्ड 1.26 लाख से भी ज्यादा नए मरीज मिले है। महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश और दिल्ली में हालात चिंताजनक हैं। कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। साथ ही कई राज्यों में कोरोना के नियमों को और सख्त किया गया हैं। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना की स्थिति को लेकर आज फिर सभी मुख्यमंत्रियों से चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कोरोना को हराने के लिए नाइट कर्फ्यू लगाने और कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने को कहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों से कहा कि, “देश में इस बार कोविड संक्रमण की बढ़ोतरी पहले से भी तेज है। हम सब के लिए यह चिंता का विषय है। इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत लापरवाह हो गए हैं।”

    पीएम मोदी ने कहा, “महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्यप्रदेश और गुजरात समेत कई राज्य फ़र्स्ट वेव की पीक को भी क्रॉस कर चुके हैं। कुछ और राज्य भी इस ओर बढ़ रहे हैं। हम सबके लिए ये चिंता का विषय है।” उन्होंने कहा, “अधिकतर राज्यों में प्रशासन ही सुस्त नजर आ रहा है। ऐसे में कोविड के मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने मुश्किलें ज्यादा पैदा की हैं।”

    मुख्यमंत्रियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हमारे पास पहले के मुताबिक कोरोना से निपटने के लिए अच्छे संसाधन है। अब हमारे पास वैक्सीन भी है। अब हमारा बल माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने पर होना चाहिए। नाइट कर्फ्यू की जगह कोरोना कर्फ्यू का शब्द इस्तेमाल करे, इससे सजगता बनी रहती है।”

    पीएम मोदी ने आगे कहा, “11 अप्रैल ज्योतिबा फुले की जन्म जयंती है और 14 अप्रैल बाबा साहेब की जन्म जयंती है, इस बीच हम सभी ‘टीका उत्सव’ मनाएं।

    बैठक में पीएम मोदी ने कहा, “पहले हमने बिना वैक्सीन के जीत हासिल की थी। हमें टेस्टिंग पर बल देना होगा। वैक्सीन लेने के बाद भी हमें मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। इस संकट को भी हम पार करके निकल जाएंगे।”

    इस दौरान पीएम मोदी ने फिर एक बार ‘दवा भी और कड़ाई’ का नारा दिया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगाने के बाद भी नियमों का कड़ाई से पालन करना है। साथ ही कोरोना को लेकर जागरूकता बेहद जरुरी है। जागरूकता करने के लिए समाज के प्रभावी लोग आगे आएं।

    पीएम मोदी ने कहा कि, “अभी संपूर्ण लॉकडाउन की जरुरत नहीं हैं। फिलहाल नाइट कर्फ्यू ही काफी है। जहां पर रात्रि कर्फ्यू का प्रयोग हो रहा है, मेरा आग्रह है कि उसकी जगह हम कोरोना कर्फ्यू शब्द को प्रयोग करें ताकि कोरोना के प्रति एक सजगता बनी रहे।”

    उन्होंने कहा, “कुछ लोग ये बौद्धिक चर्चा करते हैं कि क्या कोरोना रात को ही आता है? हकीकत में दुनिया ने भी रात्रि कर्फ्यू के प्रयोग को स्वीकार किया है। कर्फ्यू का समय होता है तो हर व्यक्ति को याद रहता है कि वह कोरोना काल में जी रहा है। रात में नौ-10 बजे कोरोना कर्फ्यू लगाएं और सुबह पांच-छह बजे हटा दें ताकि बाकी व्यवस्थाओं पर ज्यादा प्रभाव ना हो।”

    गौरतलब है कि देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन की ओर से मुंबई, नोएडा, दिल्ली लखनऊ और कुछ शहरों में रात्रि कर्फ्यू लागू किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “रात्रि कर्फ्यू को हमें कोरोना कर्फ्यू के नाम से प्रचलित करना है। इससे लोगों को जागरूक करने में मदद मिलेगी।”

    उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को भारत में एक दिन में कोविड-19 के 1,26,789 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1,29,28,574 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मामले भी नौ लाख के पार चले गए हैं। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, केरल और पंजाब में कोविड-19 के दैनिक मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और देश में सामने आए संक्रमण के 1,26,789 नए मामलों में से 84.21 प्रतिशत मामले इन 10 राज्यों में हैं।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि देश में एक सप्ताह में कोरोना वायरस संक्रमण की दर मार्च और अप्रैल के शुरुआती सात दिनों की क्रमश: 2.19 से 6.21 प्रतिशत बढ़कर 8.40 प्रतिशत हो गई है। भारत में प्रतिदिन कोविड-19 रोधी टीके की औसतन 34,30,502 खुराक दी जा रही हैं, जिसके साथ ही देश रोजाना लगाए जाने वाले टीकों की संख्या के मामले में दुनियाभर में पहले स्थान पर पहुंच गया है। सुबह सात बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 13,77,304 सत्रों में कुल 9,01,98,673 टीके लगाए जा चुके हैं।