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    नयी दिल्ली. पूर्वोत्तर में मॉनसून (Monsoon) की जोरदार बारिश (Heavy Rain) के बीच मेघालय (Meghalaya) के चेरापूंजी (Cherrapunji) में बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान 811.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1995 के बाद से जून माह में हुई सर्वाधिक बारिश है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। चेरापूंजी से 10 किमी की आकाशीय दूरी पर, भारत में सबसे नम स्थान मौसिनराम में इसी अवधि में 710.6 मिमी वर्षा हुई, जो जून 1966 के बाद से अधिकतम है।

    आईएमडी के आंकड़ों से पता चलता है कि जब से आईएमडी ने रिकॉर्ड रखना शुरू किया है, तब से दुनिया में सर्वाधिक बारिश वाले स्थानों में से एक, चेरापूंजी में केवल 10 मौकों पर ही जून के दिन 750 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी खासी पहाड़ियों में बसे इस शहर में 16 जून, 1995 को 1563.3 मिमी बारिश हुई। इससे एक दिन पहले, 15 जून, 1995 को 930 मिमी वर्षा दर्ज की गयी थी। मौसिनराम में 10 जून, 1966 को 717.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी तथा सात जून, 1966 को वहां 944.7 मिमी वर्षा हुई थी, जो आईएमडी द्वारा रिकॉर्ड रखे जाने के बाद से जून के एक दिन में सबसे अधिक बारिश थी।

    शहर में आठ जून, 2015 को 24 घंटे में 623.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। गुवाहाटी में आईएमडी के क्षेत्रीय केंद्र के वैज्ञानिक सुनीत दास ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मौसिनराम वर्तमान में (1974-2022 की अवधि का औसत) 11802.4 मिमी की औसत वार्षिक वर्षा के साथ भारत में सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान है।

    चेरापूंजी में एक वर्ष (1971-2020 की अवधि का औसत) में 11359.4 मिमी वर्षा होती है।” मौसम कार्यालय ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून बुधवार को महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा है। इसने कहा कि भारी बारिश का यह सिलसिला पूर्वोत्तर और उपहिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में अगले पांच दिन जारी रहने का अनुमान है।

    मौसम कार्यालय ने कहा, ‘‘निचले क्षोभमंडल में बंगाल की खाड़ी से तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं और मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी हवा के कम दबाव के कारण, 15 जून को अरुणाचल प्रदेश में, 15 और 16 जून को असम और मेघालय में तथा 17 जून तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।” (एजेंसी)