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    जयपुर. कोरोना वायरस (Coronavirus) का नया वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ (Omicron) भारत (India) में विकराल रूप ले रहा है। इसी बीच रविवार को राजस्थान के जयपुर में नौ लोग ओमिक्रॉन पॉजिटिव (Omicron Positive) पाए गए हैं। इनमें से चार लोग पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका से दुबई और मुंबई होते हुए जयपुर आए हैं। वहीं इनके संपर्क में आए पांच लोगों में भी ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है। प्रशासन इन सभी पर नजर बनाए हुए हैं।

    कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली के बाद अब राजस्थान में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। राजधानी जयपुर में नौ लोगों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हो गई है। इनमें से एक ही परिवार के चार लोग 25 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से दुबई गए थे। इसके बाद ये लोग दुबई से मुंबई और वहां से जयपुर आए। यहां इन सभी की कोरोना टेस्ट की गई जो पॉजिटिव आई। वहीं इनके संपर्क में आए पांच लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। जिसके बाद इनके नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए।

    उधर, पुणे में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट आज सामने आई, जिमसें पाया गया कि यह सभी लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित है। इन सभी को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) में भर्ती किया गया है। परिवार के लोगों में माता-पिता समेत दो बच्चें शामिल है।

    इससे पहले आज (रविवार) ही के दिन महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के सात नए मामले सामने आए। जिसके बाद राज्य में ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या बढ़कर आठ हुई।

    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिंपरी-चिंचवड में एक 44 साल की महिला नाइजीरिया से आई थी। वहीं उसके संपर्क में आई उनकी दो बेटियां, एक भाई और उनकी दो बेटियां यानी कुल छह लोग पिंपरी-चिंचवड में ओमिक्रॉन से संक्रमित पाई गई। इनमें से तीन लोगों की उम्र 18 साल से कम है और उन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है। छह में से तीन नाइजीरिया के हैं, जबकि अन्य तीन करीबी सहयोगी हैं। वहीं राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुणे के एक 47 वर्षीय व्यक्ति को नए वैरियंट से संक्रमित पाया गया है। इन सभी को क्वारंटाइन कर दिया गया है।

    ज्ञात हो कि, देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के अब तक 21 मामले सामने आए हैं। जिसमें से नौ राजस्थान, आठ महाराष्ट्र, दो कर्नाटक और एक-एक मामला गुजरात और दिल्ली में मिला।

    बता दें कि ओमिक्रॉन को लेकर जुटाए गए अभी तक की शुरुआती डेटा के मुताबिक, ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित मरीजों को बहुत अधिक थकान, गले में खराश, मांशपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं आती हैं। इस वैरिएंट के लक्षण डेल्टा वैरिएंट से थोड़े अलग हैं। बड़ी बात ये है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति के स्वाद और गंध की क्षमता में कोई बदलाव नहीं देखा गया है। इसके साथ ही WHO ने ओमिक्रॉन को फिलहाल ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ (चिंताजनक) की कैटिगरी में डाला है। ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर अभी कुछ भी सही तरीके से स्पष्ट नहीं हुआ है।