Gyanvapi-Mosque
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    नई दिल्ली: समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi Masjid Case) को सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी डिस्ट्रिक्ट जज को ट्रांसफर करने का आदेश दे दिया है। इस ममले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, इस दीवानी वाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन वाराणसी से जिला जज वाराणसी को ट्रांसफर किया जाता है।  अदालत ने आदेश में कहा है कि, इस पर यूपी न्यायिक सेवाओं के वरिष्ठ और अनुभवी न्यायिक अधिकारी मामले की सुनवाई करेंगे। 

    यह मामला अनुभवी हाथों से देखा जाना चाहिए

    सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि, ‘इस मामले को अनुभवी और परिपक्व हाथों द्वारा सुना जाना चाहिए, जिसका फायदा सभी पक्षों को होगा। हम जिला जज पर सवाल नहीं उठा सकते, उनके पास 25 सालों का अनुभव है। अदालत ने यह भी कहा है कि, डिस्ट्रिक्ट जज मस्जिद कमेटी की याचिका पर फैसला लेंगे कि हिंदू पार्टी का दावा कितना मजबूत है। वहीं, कोर्ट ने ‘शिवलिंग’ मिलने वाले स्थान को सील रखने और मुस्लिमों को सीमित संख्या में नमाज पढ़ने देने और अलग स्थान पर वजू करने के अपने अंतरिम आदेश को भी जारी रखा है।

     17 जुलाई तक अंतरिम आदेश रहेगा जारी

     कोर्ट ने कहा कि 17 मई को लागू किया गया यह आदेश 8 सप्ताह यानी 17 जुलाई तक लागू रहेगा। उसके बाद ही इस मामले की शीर्ष अदालत में सुनवाई होगी। सर्वाच्च अदालत ने कहा है कि ,जब तक जिला जज इस मामले का निपटारा नहीं करते हैं तब तक जिला जज वजू के लिए उचित व्यवस्था की जाए।  साथ ही शिवलिंग वाले क्षेत्र की सुरक्षा करें।

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने छह जुलाई टाल दी सुनवाई 

    इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) मामले में सुनवाई छह जुलाई तक के लिए टाल दी। वाराणसी के अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने सुनवाई की अगली तारीख छह जुलाई तय की है।