पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 37वीं पुण्यतिथि आज, पढ़ें उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें

    नई दिल्ली: भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 37वीं पुण्यतिथि (Indira Gandhi 37th Death Anniversary) है। 37 वर्ष हो गए इंदिरा गांधी को जब गोलियों से भुन दिया गया था। 31 अक्टूबर 1984 को दिल्ली (Delhi) में उनके ही बॉडीगार्ड बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने गोली मार दी थी। इससे पहले 1980 में भी इंदिरा गांधी को जान से मारने की कोशिश की गई थी। हालांकि तब वह बाल-बाल बच गई थीं। 

    बता दें कि इंदिरा गांधी का पॉलिटिकल करियर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने देश की बागडोर पहली बार 24 जनवरी 1966 को संभाली थी। साल 1984 में प्रधानमंत्री पद पर रहने के दौरान ही उनकी हत्या कर दी गई। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे। 

    दिल्ली में हुए दंगों में आधिकारिक आंकड़ो के अनुसार करीब 2000 लोग मारे गए थे। जबकि हजारों लोगों ने शहर छोड़ दिया। इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐसे बड़े फैसले भी लिए जिसके चलते उन्हें आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा। बावजूद इसके इंदिरा कभी घबराई नहीं। वो हमेशा देश सेवा के लिए आगे रहीं। 

    गौर हो कि इंदिरा गांधी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की एकमात्र संतान थीं। उनका जन्म 19 नवंबर 1917 को हुआ था। उनकी शिक्षा स्विस स्कूलों और सोमरविले कॉलेज, ऑक्सफोर्ड से हुई थी। साल 1942 में उन्होंने फिरोज गांधी से शादी की। इंदिरा को साल 1960 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। गांधी ने अपने कार्यकाल के दौरान 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था। 

    देश में 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा इंदिरा गांधी ने की थी। तब नागरिक अधिकारों को कुचला गया था बड़े पैमाने पर विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया था। मीडिया की आजादी को छीन लिया गया था। उस दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने इंदिरा गांधी के कहने पर संविधान की धारा 352 के तहत इमरजेंसी का ऐलान किया था।